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सीएम योगी का तंज: पहले यूपी नकल का अड्डा था, एक नेता कहते थे कि नकल हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है

Thu, 09 Jul 2026 10:39 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Thu, 09 Jul 2026 10:39 AM IST
सार

सीएम योगी ने बुधवार को 12 लाख शिक्षणकर्मियों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। प्रदेश के 1.10 करोड़ विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग, स्टेशनरी के लिए 1200 रुपये प्रति विद्यार्थी के हिसाब से अभिभावकों के खाते में 1320 करोड़ रुपये पहुंचे।

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CM Yogi Adityanath took aim at opposition and made statement regarding cheating in Varanasi
लाभार्थी को डमी हेल्थ कार्ड प्रदान करते सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीएम योगी ने बुधवार को प्रदेश के 12 लाख शिक्षक/शिक्षा से जुड़े कर्मचारियों व उनके आश्रितों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। वाराणसी के टीएफसी सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में 12 लाख शिक्षकों व संविदा कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक के साथ एमओयू भी किया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने उप्र के 1.10 करोड़ विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग, स्टेशनरी के लिए 1200 रुपये प्रति विद्यार्थी के हिसाब से अभिभावकों के खाते में कुल 1320 करोड़ रुपये भेजे। सीएम ने कहा कि कैशलेस सुविधा लागू करने वाला उप्र देश का पहला राज्य है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब आदि दूसरे राज्यों के लोग परीक्षा देने बलिया, गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़ आते थे। यह देख लगा कि दाल में कुछ काला है। यूपी व अन्य राज्यों के नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले ऐसे सारे अड्डे हमने बंद कराए। सीएम ने तंज कसा कि यूपी के एक नेता तो कहते थे कि नकल करना हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है। लेकिन, देश के भविष्य और अखंडता के साथ खिलवाड़ का अधिकार किसी को नहीं है। आचार्य चाणक्य, डॉ. राधाकृष्णन, मदन मोहन मालवीय हमारे आदर्श हैं। चाणक्य जैसा गुरु होगा तो देश कभी विपन्न नहीं हो सकता और विदेशी ताकतें आंख उठाकर नहीं देख सकतीं।
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सीएम ने कहा कि अब यूपी में नकल विहीन शिक्षा हो रही है, लेकिन 2017 से पहले बहुत विचित्र स्थिति थी। दो-तीन महीने तक माध्यमिक शिक्षा की परीक्षाएं चलती थीं, फिर दो-तीन महीने में रिजल्ट आता था। इससे आधा साल बर्बाद हो जाता था और कुछ समय त्योहारों आदि में निकल जाता था, पढ़ाई कब होती? लेकिन अब 14 दिन के भीतर परीक्षा होती है और अगले 15 दिन में परिणाम आ जाता है। एक महीने के अंदर ही सब कुछ हो जाता है। इस परीक्षा में 56 लाख बच्चे शामिल होते हैं।

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सीएम ने कहा कि एक समय अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत देश के कई राज्यों में उत्तर प्रदेश से शिक्षक जाते थे। एक बार जब मैंने केंद्रीय मंत्री किरिन रिजिजू से पूछा कि वहां सब लोग बहुत अच्छी हिंदी बोलते हैं तो उन्होंने बताया कि हमारे यहां सभी शिक्षक यूपी से ही आए हैं। मध्य प्रदेश दौरे पर गया तो पता चला कि अलीगढ़, एटा, कासगंज, इटावा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी आदि जनपदों के लोग वहां कार्यरत हैं। जब संवाद किया तो पता चला कि उनके पूर्वज शिक्षक के रूप में यहां आए थे। लेकिन, एक समय ऐसा भी आया, जब कुछ लोगों ने निजी स्वार्थ के लिए यूपी की शिक्षा को बर्बाद कर दिया था।

सीएम ने कहा कि पीएम मोदी ने देशवासियों से कहा है कि विकसित भारत की संकल्पना को पूरा करने की आधारशिला शिक्षा ही बनेगी। इसके लिए उन्होंने भारत की परंपराओं पर आधारित राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की। शिक्षा के बिना कुछ भी नहीं कर सकते। शिक्षा की उपेक्षा से ही यूपी ‘बीमारू’ हो गया था। 9 साल पहले नौकरी के लिए भटकने वालों को यूपी के बाहर हेय दृष्टि से देखा जाता था, लेकिन डबल इंजन सरकार के प्रयास से अब पहचान का संकट नहीं रहा। शिक्षा पर किया गया निवेश कभी व्यर्थ नहीं जाता। शिक्षा का उन्नयन हुआ तो यूपी तेजी से दौड़ता दिख रहा है।

सीएम ने प्रदेश के शिक्षकों से कहा कि आप लोगों ने पिछले नौ साल ऑपरेशन कायाकल्प, प्रोजेक्ट अलंकार, निपुण भारत आदि योजनाओं के लिए सराहनीय प्रयास किए। स्कूल हमारे लिए मंदिर है। जिन स्कूलों में आपने अध्ययन किया है, वहां यदि सुविधाएं नहीं हो पाई थीं तो अब आपकी भी जिम्मेदारी है कि उन स्कूलों की उन्नति के लिए हरसंभव योगदान दें।

बच्चे अबोध, उन्हें सही राह दिखाना हर शिक्षक का दायित्व
सीएम योगी ने शिक्षकों से कहा कि आपका दायित्व है कि विद्यालय स्वच्छ व अच्छा लगे। अनुशासन को बनाए रखने के लिए बच्चे निर्धारित यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, सर्दी में स्वेटर पहनकर आएं। सीएम बोले कि कल कुछ जगह छोटे बच्चे यूनिफॉर्म में ही बारिश में नहाते दिखे। बच्चे अबोध हैं, उन्हें सही राह दिखाना शिक्षकों का कर्तव्य है। बच्चों को बताएं कि दोनों यूनिफॉर्म 3-3 दिन पहनें। गंदा होने पर इसे धोएं। खेलते समय दूसरे कपड़े पहनें और स्कूल से लौटकर वही जूते-मोजे पहनकर न खेलें। सामान्य कामकाज के बारे में बताएंगे तो यह बच्चों के लिए प्रेरणा होगा, साथ ही स्वच्छ भारत मिशन की सफलता को और ऊंचाई तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

कैशलेस सुविधा योजना पर हर साल खर्च करेंगे 450 करोड़ : सीएम
सीएम ने कहा कि कैशलेस सुविधा के लिए 450 करोड़ रुपये का वार्षिक भुगतान प्रदेश सरकार करेगी। इसके तहत स्थायी शिक्षक और कार्मिकों, जिनका वेतन 10 हजार रुपये से अधिक है, उन्हें 10 लाख रुपये का ग्रुप टर्म इंश्योरेंस कवर, जिसमें एक करोड़ रुपये का पर्सनल एक्सीडेंट कवर, एक करोड़ का स्थायी दिव्यांगता कवर, 1.6 करोड़ का एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर और किसी अनहोनी पर बच्चों की शिक्षा व पुत्रियों के विवाह के लिए एड ऑन कवर प्रदान किया जाएगा। 

संविदाकर्मियों (वेतन 10 हजार से अधिक होने पर) को 30 से 80 लाख तक पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर, स्थायी/आंशिक दिव्यांगता पर 30 से 15 लाख का इंश्योरेंस कवर, एयर एक्सीडेंट पर 30 से 80 लाख तक इंश्योरेंस कवर, अनहोनी की स्थिति में बच्चों की शिक्षा व पुत्रियों के विवाह के लिए एड ऑन कवर प्रदान किया जाएगा। 10 हजार से कम नेट मासिक वेतन वाले कार्मिकों को जीरो बैलेंस अकाउंट के एटीएम कार्ड या पर्सनल एक्सीडेंटल पॉलिसी के आधार पर दो लाख रुपये का कवर प्रदान किया जाएगा। इससे अल्पवेतन भोगियों को भी सुविधाएं प्रदान होंगी।

माध्यमिक शिक्षा परिषद ने लगभग हजार विद्यालयों के लिए पैसा दिलाया : सीएम
सीएम ने पुराने विद्यालयों का जिक्र कर कहा कि सरकारी इंटर कॉलेज, शासकीय सहायता प्राप्त निजी क्षेत्र के संचालित विद्यालयों आदि ने कई पीढ़ियां तैयार कीं। किसी समय वहां प्रवेश के लिए सिफारिशें लगानी पड़ती थीं, लेकिन एक समय के बाद उन स्कूल-कॉलेजों की हालत बहुत खराब हो गई। कोई देखभाल नहीं करने वाला रहा। फिर भी शिक्षक, प्रधानाचार्य हिम्मत नहीं हारते थे, बल्कि मनोयोग से जुटे रहते थे। समय के साथ गिरावट आई, शासन ने संसाधन नहीं उपलब्ध कराए तो वे स्कूल-कॉलेज भी जीर्ण-शीर्ण हो गए। प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से माध्यमिक शिक्षा परिषद ने लगभग हजार विद्यालयों के लिए पैसा दिलाया, जिससे भव्य भवन, अच्छे फर्नीचर, अच्छी लैब, डिजिटल लाइब्रेरी आदि बनी। जिन संस्थाओं ने पीढ़ियों को गढ़ा, उनके लिए हमारा भी यह दायित्व रहा।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर, गुलाब देवी, संदीप सिंह, ब्रजेश सिंह, महापौर अशोक तिवारी, विधायक नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव, अवधेश सिंह, त्रिभुवन राम, सुनील पटेल, एमएलसी धर्मेंद्र सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, भाजपा जिलाध्यक्ष रामसकल पटेल समेत अन्य मौजूद रहे।

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