पूर्वांचल में गंगा मचा रही तबाही, वाराणसी-बलिया-गाजीपुर में लोग पलायन करने को मजबूर
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पूर्वांचल में गंगा की लहरें तबाही मचा रही हैं। सबसे ज्यादा खतरा बलिया और गाजीपुर जिले के लोगों को सता रहा है। वाराणसी में भी गंगा खतरे के निशान 71.26 मीटर की ओर बढ़ रही है, यही गति रही तो गंगा बुधवार की सुबह तक खतरे के निशान 71.26 मीटर को पार कर जाएंगी। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर मंगलवार की शाम को पांच बजे तक 71.11 मीटर हो गया है। वहीं गंगा के जलस्तर के बढ़ने की गति एक सेमी प्रति घंटा है। 28 से अधिक गांव डूबे हैं। वरुणा पार इलाके के लोग पलायन करने को मजबूर हैं।
गाजीपुर में बाढ़ का खतरा अब भी जारी है। गंगा के लाल निशान से उपर बहने से रामगढ़ क्षेत्र के हजारों लोग पलायन कर उंची जगहों पर चले गए हैं। हालांकि इन लोगों के लिए प्रशासन की ओर से न तो अब तक उचित शरणस्थली की सुविधा दी गई न ही खाने पीने के सामानों की व्यवस्था ही की गई है। हालांकि स्थानीय विधायक की ओर से इस ओर जरूर पहल की गई है। वहीं कुछ सामाजिक संगठन भी इस दिशा में आगे आए हैं।
खतरे के निशान के करीब पहुंच रही गंगा :
मिर्जापुर जिले में गंगा खतरे के निशान के करीब पहुंच रही है। मंगलवार की शाम गंगा का जलस्तर 77. 105 मीटर रिकार्ड किया गया। जिले में खतरे का निशान 77. 724 मीटर निर्धारित है। इस समय जिले के 495 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। एडीएम यूपी सिंह ने बताया कि इसमें सदर तहसील के 389 व चुनार तहसील के 106 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। जिले के छानबे, कोन, सिटी, मझवां, सीखड़ व नरायनपुर ब्लाक के गांव भी बाढ़ से प्रभावित हैं।
बलिया में अब भी लाल निशान के ऊपर बह रही है गंगा
बाढ़ का खतरा अब भी जारी है। गंगा के लाल निशान से उपर बहने से रामगढ़ क्षेत्र के हजारों लोग पलायन कर उंची जगहों पर चले गए हैं। हालांकि इन लोगों के लिए प्रशासन की ओर से न तो अब तक उचित शरणस्थली की सुविधा दी गई न ही खाने पीने के सामानों की व्यवस्था ही की गई है। हालांकि स्थानीय विधायक की ओर से इस ओर जरूर पहल की गई है। वहीं कुछ सामाजिक संगठन भी इस दिशा में आगे आए हैं। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार गंगा का जलस्तर 59.14 मी. दर्ज किया गया। साथ ही प्रति घंटा आधा सेमी का बढ़ाव बना हुआ है। खतरा निशान 57.61 मीटर पर है।

चंदौली जिले में बाढ़ केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का खतरे का निशान 71.26 मीटर है। मंगलवार की शाम पांच बजे गंगा का जलस्तर 71.09 मीटर तक पहुंच गया। वहीं अभी भी तीन सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा का जल स्तर बढ़ रहा है। पड़ाव संवाददाता के अनुसार गंगा का पानी गांव में सिवान से होते हुए घरों तक पहुंच गई है। इससे लोग सुरक्षित आशियाने की तलाश में जुट गए हैं। क्षेत्र के बहादुरपुर, रतनपुर, मढिया, जलीलपुर, सूजाबाद, डोमरी, कूंडा आदि गांवों में घरों तक पानी पहुंच गया है।
भदोही जिले में गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही बढोत्तरी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। तटवर्ती गांवों में गंगा का पानी पहुंच गया है। कोनिया क्षेत्र के दर्जन भर से अधिक गावों में 500 बीघे फसल पानी में डूब गई है। दो दिनों में छेछुआ-भुर्रा में एक बिस्वा जमीन कटान की भेंट चढ़ गई। एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा है। सीतामढ़ी में खतरा का कोई निशान नहीं है लेकिन 80 मीटर के ऊपर खतरा के निशान के ऊपर माना जाता है। हालांकि अब तक 79.450 मीटर तक जलस्तर पहुंचा है। 2013 में 81 मीटर से अधिक जलस्तर जाने से हाहाकार मच गया था।