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भारत बंद का खुला विरोध
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 28 Nov 2016 01:35 AM IST
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रविवार को गणेश बाग में बैठक करते वाराणसी व्यापार मंडल के सदस्य।
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नोटबंदी के खिलाफ सोमवार को प्रस्तावित भारत बंद का पुरजोर विरोध करते हुए काशी के प्रमुख व्यापारिक संगठनों ने दो घंटे अधिक दूकान खोलने का एलान किया है। पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र के इन संगठनों ने नोटबंदी का समर्थन करते हुए यह भी कहा है कि जिनके पास काला धन है, वे विरोध करें। व्यापारियों के पास न ही ऐसी कोई समस्या है और न ही ऐसा करने वालों से उनका कोई वास्ता है।
शहर के प्रमुख व्यापारिक संगठन भारतबंद के आह्वान के विरोध्ा में हैं। रविवार को वाराणसी स्थित पूर्वांचल की सबसे बड़ी किराना-गल्ला मंडी विशेश्वरगंज के अलावा चौक, गोदौलिया, लंका समेत शहर के अन्य प्रमुख बाजारों के व्यापारिक संगठनों ने बैठक कर बंद में शामिल न होने का निर्णय लिया। साथ ही, इसका भी एलान किया कि पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले के समर्थन में वह सोमवार को दो घंटे अधिक यानी रात दस बज तक दूकानें खोलेंगे।
विश्वेश्वर गंज भैरोनाथ व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रतीक गुप्ता ने बैठक के बाद बताया कि नोटबंदी के विरोध में 28 नवंबर को कुछ राजनीतिक दलों और संगठनों के प्रस्तावित भारत बंद के खिलाफ व्यापारियों ने यह फैसला लिया है। नकदी और फुटकर की समस्या से व्यापार में 80 फीसदी तक गिरावट है लेकिन उम्मीद है कि 500 के नए नोट आने के बाद यह संभल जाएगा। वाराणसी किराना व्यापार समिति के महामंत्री अशोक कसेेरा नेे कहा कि उनका संगठन बंद में शामिल नहीं होगा। दूकानें खुली रहेंगी। उधर, व्यापारियों के कंछल गुट और श्यामबिहारी गुट ने भी भारत बंद से अलग रहने का फैसला किया है।
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भारत बंद के विरोध में राजातालाब व्यापार मंडल ने सोमवार की साप्ताहिक बंदी को निरस्त कर बाजार खोलने का निर्णय लिया है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष दिलीप स्वर्णकार ने कहा कि किसी भी राजनीतिक और सामाजिक संगठन के दबाव में बाजार बंद नहीं होगा। दूसरी ओर गंगापुर के व्यापारी नेता राधेश्याम गुप्ता ने कहा कि उनका संगठन नोटबंदी के समर्थन में है। वहीं पिंडरा बाजार के व्यापारियों ने भी भारत बंद का विरोध किया। रविवार को पिंडरा व्यापार मंडल के तत्वाधान में हुई बैठक में व्यापारियों ने दूकानें खुली रखने का निर्णय लिया। बैठक में प्रकाशचंद, प्रेम प्रकाश मिश्र, उमेश जायसवाल, विपिन कुमार, शंभू नाथ, नरेंद्र गुप्ता, रमेश जायसवाल समेत अन्य लोग उपस्थित रहे। वहीं मंगारी व्यापार मंडल के संरक्षक दया जायसवाल ने भी भारत बंद में शामिल न होने और नोटबंदी के समर्थन का एलान किया।
व्यापार मंडल ने गणेश बाग में बैठक कर नोटबंदी से उपजी समस्याओं पर गहरी नाराजगी जताई लेकिन भारतबंद के आह्वान में शामिल न होने का निर्णय लिया। वक्ताओं ने कहा कि नकदी संकट के चलते व्यापार चौपट हो रहा है। बाजार में पर्याप्त नकद प्रवाह न होने से ग्राहक और कारोबारी दोनों परेशान हैं। जल्दबाजी मेें लिए गए नोटबंदी के फैसले में आम आदमी की सुविधा का ध्यान नहीं रखा गया। समस्याओं के मद्देनजर व्यापारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरबीआई के गवर्नर को पत्र भेजने का निर्णय लिया। व्यापारी 29 नवंबर को कमिश्नर को ज्ञापन भी सौंपेंगे। बैठक में अजीत सिंह बग्गा, प्रमोद गुप्ता, सतीश गुप्ता, रवींद्र जायसवाल, अरविंद गुप्ता, शनि, संजय, रमेश, गौरी शंकर, सत्य नारायण आदि मौजूद रहे।
व्यापारिक संगठनों के भारतबंद के विरोध के एलान के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती प्रशासन के लिए होगी। बंद के समर्थकों से टकराव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके मद्देनजर एडीएम सिटी जितेंद्र मोहन सिंह ने कहा कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। बंद के आह्वान के मद्देनजर सिटी मजिस्ट्रेट और सभी एसीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। सभी थानों की फोर्स भी एलर्ट रहेगी। आवश्यकतानुसार फोर्स की तैनाती की जाएगी। किसी भी सूरत में कानून व्यवस्था प्रभावित होने नहीं दी जाएगी। ऐसा करने वालों से सख्ती से निबटा जाएगा।
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शहर के प्रमुख व्यापारिक संगठन भारतबंद के आह्वान के विरोध्ा में हैं। रविवार को वाराणसी स्थित पूर्वांचल की सबसे बड़ी किराना-गल्ला मंडी विशेश्वरगंज के अलावा चौक, गोदौलिया, लंका समेत शहर के अन्य प्रमुख बाजारों के व्यापारिक संगठनों ने बैठक कर बंद में शामिल न होने का निर्णय लिया। साथ ही, इसका भी एलान किया कि पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले के समर्थन में वह सोमवार को दो घंटे अधिक यानी रात दस बज तक दूकानें खोलेंगे।
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विश्वेश्वर गंज भैरोनाथ व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रतीक गुप्ता ने बैठक के बाद बताया कि नोटबंदी के विरोध में 28 नवंबर को कुछ राजनीतिक दलों और संगठनों के प्रस्तावित भारत बंद के खिलाफ व्यापारियों ने यह फैसला लिया है। नकदी और फुटकर की समस्या से व्यापार में 80 फीसदी तक गिरावट है लेकिन उम्मीद है कि 500 के नए नोट आने के बाद यह संभल जाएगा। वाराणसी किराना व्यापार समिति के महामंत्री अशोक कसेेरा नेे कहा कि उनका संगठन बंद में शामिल नहीं होगा। दूकानें खुली रहेंगी। उधर, व्यापारियों के कंछल गुट और श्यामबिहारी गुट ने भी भारत बंद से अलग रहने का फैसला किया है।
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भारत बंद के विरोध में राजातालाब व्यापार मंडल ने सोमवार की साप्ताहिक बंदी को निरस्त कर बाजार खोलने का निर्णय लिया है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष दिलीप स्वर्णकार ने कहा कि किसी भी राजनीतिक और सामाजिक संगठन के दबाव में बाजार बंद नहीं होगा। दूसरी ओर गंगापुर के व्यापारी नेता राधेश्याम गुप्ता ने कहा कि उनका संगठन नोटबंदी के समर्थन में है। वहीं पिंडरा बाजार के व्यापारियों ने भी भारत बंद का विरोध किया। रविवार को पिंडरा व्यापार मंडल के तत्वाधान में हुई बैठक में व्यापारियों ने दूकानें खुली रखने का निर्णय लिया। बैठक में प्रकाशचंद, प्रेम प्रकाश मिश्र, उमेश जायसवाल, विपिन कुमार, शंभू नाथ, नरेंद्र गुप्ता, रमेश जायसवाल समेत अन्य लोग उपस्थित रहे। वहीं मंगारी व्यापार मंडल के संरक्षक दया जायसवाल ने भी भारत बंद में शामिल न होने और नोटबंदी के समर्थन का एलान किया।
व्यापार मंडल ने गणेश बाग में बैठक कर नोटबंदी से उपजी समस्याओं पर गहरी नाराजगी जताई लेकिन भारतबंद के आह्वान में शामिल न होने का निर्णय लिया। वक्ताओं ने कहा कि नकदी संकट के चलते व्यापार चौपट हो रहा है। बाजार में पर्याप्त नकद प्रवाह न होने से ग्राहक और कारोबारी दोनों परेशान हैं। जल्दबाजी मेें लिए गए नोटबंदी के फैसले में आम आदमी की सुविधा का ध्यान नहीं रखा गया। समस्याओं के मद्देनजर व्यापारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरबीआई के गवर्नर को पत्र भेजने का निर्णय लिया। व्यापारी 29 नवंबर को कमिश्नर को ज्ञापन भी सौंपेंगे। बैठक में अजीत सिंह बग्गा, प्रमोद गुप्ता, सतीश गुप्ता, रवींद्र जायसवाल, अरविंद गुप्ता, शनि, संजय, रमेश, गौरी शंकर, सत्य नारायण आदि मौजूद रहे।
व्यापारिक संगठनों के भारतबंद के विरोध के एलान के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती प्रशासन के लिए होगी। बंद के समर्थकों से टकराव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके मद्देनजर एडीएम सिटी जितेंद्र मोहन सिंह ने कहा कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। बंद के आह्वान के मद्देनजर सिटी मजिस्ट्रेट और सभी एसीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। सभी थानों की फोर्स भी एलर्ट रहेगी। आवश्यकतानुसार फोर्स की तैनाती की जाएगी। किसी भी सूरत में कानून व्यवस्था प्रभावित होने नहीं दी जाएगी। ऐसा करने वालों से सख्ती से निबटा जाएगा।