{"_id":"5bbe55a6867a55281a4ced31","slug":"clerk-caught-by-cbi-team-take-bribe-in-mirzapur","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपीः रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया लिपिक, सीबीआई की टीम देखते ही शौचालय में फेंका पैसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपीः रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया लिपिक, सीबीआई की टीम देखते ही शौचालय में फेंका पैसा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,मिर्जापुर
Updated Thu, 11 Oct 2018 08:43 AM IST
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यूपी के मिर्जापुर में राजकीय स्वाथ्य बीमा निगम के लिपिक विजयानंद तिवारी को सीबीआई की टीम ने मंगलवार को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपी ने सीबीआई की टीम को देखते ही रिश्वत का पैसा शौचालय में फेंक दिया। टीम ने शौचालय तुड़वाया लेकिन पैसों की बरामदगी नहीं हो पाई। हालांकि टीम ने विजयानंद का हाथ धुलवाया तो केमिकल युक्त पैसे लेने के कारण हाथ लाल हो गया।
बुधवार की सुबह सीबीआई की टीम उसे गिरफ्तार करके लखनऊ लेकर चली गई। टीम की मानें तो आरोपी के विरुद्घ लखनऊ में ही भ्रष्टाचार अधिनियम समेत अन्य आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है इसलिए उसे वहीं की कोर्ट में पेश किया जाएगा।
देहात कोतवाली क्षेत्र के छीतपुर गांव निवासी रामनर सिंह सरकारी कर्मचारी है। उसने बीमार चल रही अपनी पत्नी का इलाज सरकारी एवं निजी अस्पताल में कराया था। इलाज में करीब 86 हजार रुपये खर्च हुए थे। जिसके भुगतान के लिए उसने अस्पताल का सारा बिल अपने विभाग में लगाया था।
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जिसकी फाइल टीबी अस्पताल परिसर में स्थित राजकीय स्वास्थ्य बीमा निगम में आई थी। इसकी जानकारी होने पर वह फाइल को पास कर उच्चाधिकारियों के यहां भेजने के लिए बार बार विभाग में चक्कर लगा रहा था लेकिन उसकी फाइल आगे नहीं बढ़ाई जा रही थी।
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बुधवार की सुबह सीबीआई की टीम उसे गिरफ्तार करके लखनऊ लेकर चली गई। टीम की मानें तो आरोपी के विरुद्घ लखनऊ में ही भ्रष्टाचार अधिनियम समेत अन्य आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है इसलिए उसे वहीं की कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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देहात कोतवाली क्षेत्र के छीतपुर गांव निवासी रामनर सिंह सरकारी कर्मचारी है। उसने बीमार चल रही अपनी पत्नी का इलाज सरकारी एवं निजी अस्पताल में कराया था। इलाज में करीब 86 हजार रुपये खर्च हुए थे। जिसके भुगतान के लिए उसने अस्पताल का सारा बिल अपने विभाग में लगाया था।
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जिसकी फाइल टीबी अस्पताल परिसर में स्थित राजकीय स्वास्थ्य बीमा निगम में आई थी। इसकी जानकारी होने पर वह फाइल को पास कर उच्चाधिकारियों के यहां भेजने के लिए बार बार विभाग में चक्कर लगा रहा था लेकिन उसकी फाइल आगे नहीं बढ़ाई जा रही थी।
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वहां तैनात लिपिक विजयानंद तिवारी ने रामनर सिंह से फाइल को आगे बढ़ाने के लिए 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। जब रामनर सिंह ने पैसे नहीं दिए तो वह उन्हें बार बार दौड़ा रहा था। यह देख रामनर सिंह ने कई बार लिपिक से पैसा नहीं होने की बात बताते हुए उससे जल्द फाइल पास करने की गुहार लगाई लेकिन वह नहीं माना।
इसके बाद रामनर सिंह ने सीबीआई लखनऊ से संपर्क कर मामले की शिकायत की। उसकी शिकायत पर सीबीआई लखनऊ की एंटी करप्शन टीम ने आरोपी विजयानंद तिवारी को रंगेहाथ गिरफ्तार करने के लिए क्षेत्राधिकारी आर्यन सिसोदिया के नेतृत्व में मंगलवार को एक टीम मिर्जापुर भेजा।
टीम रामनर सिंह के साथ रात में देहात कोतवाली क्षेत्र के विंध्यवासिनी कालोनी में रहने वाले विजयानंद तिवारी के घर पैसा देने पहुंची। रामनर सिंह ने जैसे ही विजयानंद के रिश्वत के सात हजार रुपया हाथ में दिया वैसे ही टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मामला समझा गया और हाथ छुड़ाकर रिश्वत के पैसों को शौचालय में डाल दिया।
इसके बाद रामनर सिंह ने सीबीआई लखनऊ से संपर्क कर मामले की शिकायत की। उसकी शिकायत पर सीबीआई लखनऊ की एंटी करप्शन टीम ने आरोपी विजयानंद तिवारी को रंगेहाथ गिरफ्तार करने के लिए क्षेत्राधिकारी आर्यन सिसोदिया के नेतृत्व में मंगलवार को एक टीम मिर्जापुर भेजा।
टीम रामनर सिंह के साथ रात में देहात कोतवाली क्षेत्र के विंध्यवासिनी कालोनी में रहने वाले विजयानंद तिवारी के घर पैसा देने पहुंची। रामनर सिंह ने जैसे ही विजयानंद के रिश्वत के सात हजार रुपया हाथ में दिया वैसे ही टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मामला समझा गया और हाथ छुड़ाकर रिश्वत के पैसों को शौचालय में डाल दिया।