फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   clean air survey ranking 13th ranked in Varanasi

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण: दो पायदान नीचे लुढ़की काशी, पहुंची 13वें स्थान पर; रैंकिंग में गिरावट के हैं ये छह कारण

Sun, 08 Sep 2024 02:03 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Sun, 08 Sep 2024 02:03 PM IST
सार

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में काशी दो पायदान नीचे लुढ़क गई। देश स्तरीय रैंकिंग में बनारस 11वें स्थान से 13वें स्थान पर पहुंच गया। रैंकिंग में गिरावट के लिए नगर निगम के साथ बिजली विभाग और आरटीओ भी जिम्मेदार है। 

विज्ञापन
clean air survey ranking 13th ranked in Varanasi
Varanasi - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से कराए गए स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में इस बार वाराणसी नगर निगम को 13वां स्थान मिला है। पिछले साल नगर निगम 11वें पायदान पर था। दो पायदान नीचे लुढ़कने के बाद वाराणसी की वायु गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। देश स्तर पर हुई रैंकिंग में गिरावट के लिए नगर निगम के साथ बिजली विभाग और आरटीओ भी जिम्मेदार हैं।

विज्ञापन


हालांकि प्रदेश ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण के परिणामों में शानदार प्रदर्शन किया है। कैटेगरी वन में दस लाख से ज्यादा आबादी वाले शहर थे। इनमें आगरा को तीसरा स्थान मिला है। कैटेगिरी टू में वे शहर थे, जिनकी आबादी तीन से 10 लाख के बीच थी। इसमें फिरोजाबाद को पहला और झांसी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। तीन लाख से कम आबादी वाले शहर तीसरी श्रेणी में शामिल थे। इनमें रायबरेली को पहला स्थान मिला है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में 131 शहरों में डायमंड सिटी सूरत को पहला स्थान मिला है।
विज्ञापन


केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से मिले अंक के कारण वाराणसी नगर निगम को रैंकिंग में लुढ़कना पड़ा। शहर के प्रमुख स्थानों पर स्थापित कंटीन्यूअस एंबिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम (सीएएक्यूएमएस) डिस्प्ले स्टेशनों के माध्यम से नागरिकों को वायु गुणवत्ता की जानकारी दी जा रही है। इनमें अर्दलीबाजार, बीएचयू, भेलूपुर और मलदहिया पर सेंसर लगाया गया है। इन चार जगहों पर सतत प्रयासों से शहर नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण देने का प्रयास हो रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

23.5 अंक से चूका बनारस

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में 200 नंबर के आधार पर रैंकिंग घोषित की गई। वाराणसी नगर निगम ने 200 अंक के कार्य में से 192 अंक के कार्य किए। जांच के बाद वाराणसी को कुल 176.5 अंक मिले। 23.5 अंक से वाराणसी चूक गया। वाराणसी नगर निगम के अनुसार 23.5 नंबर कम मिलने की कई वजहें हैं। इसके लिए नगर निगम के साथ बिजली विभाग और आरटीओ भी जिम्मेदार है। नगर निगम के कूड़ा निस्तारण में शत-प्रतिशत सफलता नहीं मिलने की मुख्य वजह है। ज्यादा पॉवर कट होने की वजह से जनरेटर का इस्तेमाल ज्यादा किया गया। इसके धुआं से वायु गुणवत्ता पर असर पड़ा। इसके साथ ही शहर में वाहनों से निकले वाले धुएं की वजह से वायु गुणवत्ता प्रभावित हुई।

रैकिंग लुढ़कने के प्रमुख कारण

  • सड़कों को सुधारने में नहीं दिखाई रुचि
  • खराब सड़कों से उड़ने वाली धूल से प्रभावित हुई रैंकिंग
  • सड़क किनारे पौधरोपण नहीं हुए
  • कोई नई सड़क का नहीं किया निर्माण
  • प्रदूषण मानदंडों का उल्लंघन करने वाले मोटर वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं
  • स्थानीय नागरिकों का भी नहीं लिया गया सहयोग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed