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बीएचयूः बवाल के चार दिन बाद चलीं कक्षाएं, छात्रों की उपस्थिति रही कम, फोर्स तैनात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 29 Sep 2018 04:57 PM IST
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बीएचयू में आरएएफ तैनात
- फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू में सोमवार को पूरी रात उपद्रव के बाद बंद हुई कक्षाएं शनिवार को चलीं लेकिन छात्रों की उपस्थिति बहुत कम रही। कला संकाय और चिकित्सा विज्ञान संस्थान को छोड़कर बाकी संकायों में पठन-पाठन का कार्य हुआ। सुरक्षा के लिहाज से छात्रावास सहित अन्य जगहों पर पुलिस-पीएसी के साथ आरएएफ भी तैनात रही।
उधर, बीएचयू के डॉक्टर पांचवें दिन भी हड़ताल पर रहे। बता दें कि विश्वविद्यालय परिसर में सोमवार को मारपीट, पत्थरबाजी, आगजनी के बाद मंगलवार को हॉस्टल खाली करने और शुक्रवार तक विश्वविद्यालय में कक्षाएं बंद रखने का निर्णय विश्वविद्यालय प्रशासन ने लिया था।
आईएमएस के रेजीडेंट डॉक्टरों और कला संकाय के छात्रों का हॉस्टल भी खाली करा दिया गया है। कला संकाय और चिकित्सा विज्ञान संकाय को अभी बंद रखा जाएगा। सूत्रों की माने तो अभी सप्ताह भर बाद इन दोनों संस्थानों के बारे में फैसला होने की संभावना है।
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उधर, बीएचयू के डॉक्टर पांचवें दिन भी हड़ताल पर रहे। बता दें कि विश्वविद्यालय परिसर में सोमवार को मारपीट, पत्थरबाजी, आगजनी के बाद मंगलवार को हॉस्टल खाली करने और शुक्रवार तक विश्वविद्यालय में कक्षाएं बंद रखने का निर्णय विश्वविद्यालय प्रशासन ने लिया था।
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आईएमएस के रेजीडेंट डॉक्टरों और कला संकाय के छात्रों का हॉस्टल भी खाली करा दिया गया है। कला संकाय और चिकित्सा विज्ञान संकाय को अभी बंद रखा जाएगा। सूत्रों की माने तो अभी सप्ताह भर बाद इन दोनों संस्थानों के बारे में फैसला होने की संभावना है।
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छह माह में जूनियर रेजीडेंट डॉक्टरों की दूसरी हड़ताल
सुरक्षा के लिए बाउंसर तैनात
- फोटो : अमर उजाला
बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में पिछले छह माह में जूनियर रेजीडेंट डॉक्टरों की यह दूसरी हड़ताल है। इससे पहले अप्रैल में संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के छात्र के साथ सर्जरी विभाग में मारपीट के बाद रेजीडेंट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे। तब भी डॉक्टरों ने तीन दिन तक हड़ताल जारी रखी थी।
वर्ष 2012 में पूर्व कुलपति प्रो. लालजी सिंह के कार्यकाल में 15 दिन हड़ताल चली थी। अस्पताल में अब ओपीडी से लेकर वार्ड तक बाउंसरों की तैनाती कर दी गई। इसके अलावा एमएस आफिस से लेकर अस्पताल परिसर में हर चैनल गेट के पास, ओपीडी हाल आदि जगहों पर पुलिस कर्मी भी तैनात कर दिए गए हैं।
रेजीडेंट डॉक्टरों ने ही विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था के बजाय बाउंसरों की तैनाती की मांग की थी। पहले चरण में हालांकि 30 बाउंसर बुलाए गए हैं, आने वाले दिन में इनकी संख्या बढ़ाई भी जा सकती है। छात्रावास सहित अन्य जगहों पर पुलिस-पीएसी के साथ आरएएफ की भी तैनाती की गई है।
वर्ष 2012 में पूर्व कुलपति प्रो. लालजी सिंह के कार्यकाल में 15 दिन हड़ताल चली थी। अस्पताल में अब ओपीडी से लेकर वार्ड तक बाउंसरों की तैनाती कर दी गई। इसके अलावा एमएस आफिस से लेकर अस्पताल परिसर में हर चैनल गेट के पास, ओपीडी हाल आदि जगहों पर पुलिस कर्मी भी तैनात कर दिए गए हैं।
रेजीडेंट डॉक्टरों ने ही विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था के बजाय बाउंसरों की तैनाती की मांग की थी। पहले चरण में हालांकि 30 बाउंसर बुलाए गए हैं, आने वाले दिन में इनकी संख्या बढ़ाई भी जा सकती है। छात्रावास सहित अन्य जगहों पर पुलिस-पीएसी के साथ आरएएफ की भी तैनाती की गई है।