भदोही: स्कूल परिसर में कक्षा तीन की छात्रा ने खुद को लगाई आग, गंभीर हालत में वाराणसी रेफर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टेलीविजन पर हॉरर शो ‘लाल इश्क’ से प्रेरित होकर भदोही जिले के सेंट जांस स्कूल की कक्षा तीन की एक छात्रा ने सोमवार सुबह स्कूल के बाथरूम में जाकर मिट्टी का तेल छिड़क कर खुद को आग लगा ली। औराई सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद छात्रा को वाराणसी रेफर कर दिया गया। बच्ची 35 फीसदी जली है। उसका कबीरचौरा अस्पताल के बर्न यूनिट में इलाज चल रहा है।
जिले के घोसिया नगर के सराफा गली निवासी छात्रा के पिता घर पर ब्रेड-बिस्कुट की दुकान चलाते हैं। उनकी बेटी और बेटा औराई स्थित सेंट जांस स्कूल में पढ़ते हैं। सोमवार को दोनों निजी ऑटो से स्कूल गए। स्कूल पहुंचते ही छात्रा क्लास में न जाकर टॉयलेट चली गई। इस बीच छात्रा एक बार बाहर आई और फिर से बाथरूम में चली गई। उसका भाई टॉयलेट के बाहर खड़ा था।
उसने रोशनदान से धुआं निकलता देखकर शोर मचाया। इस पर टीचर और स्कूल स्टाफ मौके पर पहुंचे और दरवाजा खोलने का प्रयास किया तो अंदर से लगी कुंडी खुल गई। अंदर छात्रा बेहोश पड़ी थी। उसकी गर्दन और सीने का कुछ हिस्सा जल गया है। स्कूल के प्रिंसिपल मैथ्यू जेके बच्ची को लेकर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर गए और परिजनों को सूचित किया।
चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे वाराणसी रेफर कर दिया। औराई सीओ लेखराज सिंह और बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार ने अस्पताल जाकर छात्रा का बयान दर्ज किया। उसने पुलिस को बताया कि टीवी पर तंत्र-मंत्र से जुड़ा एक सीरियल देखकर उसने खुद को आग लगाई है। स्कूल के वाइस प्रिंसिपल एंजेल मैथ्यू ने कहा कि छात्रा पढ़ाई में होनहार है।
वह हमेशा क्लास में प्रथम या द्वितीय रैंक प्राप्त करती रही है। वह घर से आने के बाद सीधे टॉयलेट में चली गई और आग लगा ली। वह घर से ही बैग में केरोसिन और माचिस लेकर आई थी। एसपी ने बताया कि बच्ची ने टीवी पर तंत्र-मंत्र से जुड़ा सीरियल देखकर नादानी में ऐसा कदम उठा लिया। उसका इलाज वाराणसी में चल रहा है। अब खतरे से बाहर है।
टीवी शो देखकर आया पढ़ने में तेज बनने का आइडिया :
छात्रा के पिता ने बताया कि वह घर पर हॉरर शो देखती थी। छात्रा ने एक एपिसोड में देखा था कि एक बच्ची ने पढ़ने में तेज बनने के लिए तंत्र मंत्र करने के बाद खुद को आग लगा ली थी जिसके बाद वह पढ़ने में तेज हो गई थी। कुछ दिनों पहले यह बच्ची भी खुद को पढ़ने में और तेज होने की बात घर में कर रही थी।
घर से तेल लेकर आई थी छात्रा : प्रिंसिपल
कबीरचौरा अस्पताल में मौजूद स्कूल के प्रिंसिपल मैथ्यू जेके से जब घटना के बाबत पूछा गया कि छात्रा के पास मिट्टी का तेल और माचिस कैसे पहुंचा तो उन्होंने बताया कि श्रेयांशी घर से ही मिट्टी का तेल और माचिस लेकर आई थी। स्कूल में कहीं पर भी ज्वलनशील पदार्थ नहीं रखा जाता है।
बेटी मिट्टी तेल लेकर नहीं गई, बोली मां :
छात्रा की मां का कहना है कि बेटी का बैग वह अपने हाथों से तैयार करती हैं। घर से मिट्टी का तेल लेकर स्कूल जा ही नहीं सकती है। घटना के वक्त मौके पर मौजूद छोटे भाई ने बताया कि उसकी बहन ऑटो से उतरकर स्कूल के अंदर गई और क्लास रूम में न जाकर सीधे बाथरूम में गई, इस दौरान वह बाहर खड़ा था कुछ देर बाद छात्रा बाथरूम से बाहर निकली और दोबारा बाथरूम में चली गई। जिसके बाद वह शोर मचाने लगी।
घर वालों ने डांटा था, थप्पड़ भी लगाए थे :
स्कूल के टॉयलेट में खुद को आग लगाने वाली आठ साल की बच्ची ने इतना बड़ा कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसको लेकर सोमवार को चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। आसपास के लोगों में चर्चा थी कि रविवार की रात घर वालों ने किसी बात को लेकर बच्ची को डांट लगाई थी और दो-चार थप्पड़ भी लगा दिए थे। इससे वह गुस्से में थी। हालांकि घर के लोग इस मसले पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।