वाराणसी में पुलिस कार्रवाई पर सवाल: छह साल के बच्चे व किशोरी को बनाया आरोपी, जमीन विवाद में हुई थी मारपीट
वाराणसी में दो पक्षों में जमीन विवाद में मारपीट हुई। मामले में दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इनमें से एक पक्ष की ओर से कराई गई प्राथमिकी में छह साल के बच्चे को भी आरोपी बनाया गया। इसे लेकर पुलिस पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
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वाराणसी में कैंट थाना क्षेत्र के फुलवरिया में जमीन संबंधी विवाद को लेकर बीते दिनों दो पक्षों में मारपीट हुई थी। दोनों पक्ष ने एक-दूसरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि प्राथमिकी दर्ज करते वक्त पुलिस ने लापरवाही बरती। पुलिस ने छह साल के बच्चे को भी आरोपी बना दिया।
आरोप है कि पूछताछ किए बिना घटना में उसे शामिल दिखा दिया। मामला संज्ञान में आने के बाद पहले पक्ष ने अपर पुलिस आयुक्त से शिकायत की। मामले की जांच एसीपी कैंट प्रज्ञा पाठक को सौंपी गई।
बीते दिनों मारपीट और पथराव का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसमें दो पक्षों के बीच मारपीट होती दिखी। इस मामले में दीपक शर्मा की पत्नी ने 14 सितंबर को राजेश प्रसाद सिंह समेत 30 अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
आरोप है कि प्राथमिकी दर्ज होने के दो दिन बाद 16 सितंबर को दूसरे पक्ष के राजेश प्रसाद सिंह ने दीपक शर्मा समेत सात लोगों समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। दर्ज प्राथमिकी में दीपक के छह साल के भतीजे को भी प्राथमिकी में शामिल कर लिया गया। 17 साल की लड़की जो घटना के समय नहीं थी, उसे भी पुलिस ने आरोपी बना दिया।
पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने से पहले ये भी नहीं पूछा कि लड़के की उम्र क्या है, कहां रहता है। किशोरी की उम्र क्या है, सीसी कैमरे में क्या वह हमला करते दिखी? एक पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने जल्दबाजी और बिना किसी जांच के प्राथमिकी दर्ज की है।
मामले की जांच की गई। बच्चे के परिवार के लोग आए भी थे। दोनों पक्ष के बीच जमीन का विवाद है। प्राथमिकी में नाम नहीं है बल्कि संजय शर्मा के पुत्र का जिक्र है। जांच में पता चला कि वह बच्चा है। नाम हटाने के साथ विवेचना जारी है। -प्रज्ञा पाठक, एसीपी कैंट