नागरिकता संशोधन कानून को सभी राज्यों को लागू करना होगा : केंद्रीय गृह राज्यमंत्री
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर कांग्रेस का रवैया बिल्कुल ही गैर जिम्मेदाराना है, देश का सबसे पुराना राजनीतिक दल होने के बावजूद कांग्रेस के नेताओं ने नागरिकता संशोधन कानून की आड़ में भड़के दंगों पर घटिया राजनीति की, वह बेहद अशोभनीय है।
नागरिकता संशोधन कानून को सभी राज्यों को लागू करना होगा, कोई भी संविधान से बढ़कर नहीं है। उक्त बातें केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता के दौरान कहीं। राहुल गांधी के सीएए को देश के नागरिकों पर टैक्स बताने वाले बयान पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी ने अभी ट्यूशन लेना शुरू किया है, उन्हें अभी और ट्यूशन और ठीक से पढ़ाई करने की जरूरत है।
कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) से जोड़ना गलत है। पड़ोसी देशों के पीड़ित अल्पसंख्यकों को भारत में शरण मिलनी चाहिए, यह हमारी परंपरा रही है। विश्व भर में भारत के इस निर्णय की सराहना हो रही है। केंद्र और राज्य की सरकारें हर नागरिक की हैं। सभी नागरिकों को सरकार और कानून व्यवस्था पर भरोसा करना चाहिए।
नागरिकता संशोधन कानून किसी धर्म, जाति, मत, मजहब के खिलाफ नहीं है। देश के कुछ जिलों में ही अशांति फैलाने की कोशिश की गई है। बवाल के पीछे कौन-कौन हैं, यह सब जानते हैं। बवाल और आगजनी को छात्रों से जोड़ा जा रहा है, मगर ऐसा करने वाले छात्र नहीं उपद्रवी हैं। प्रदेश भर के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि धर्मगुरुओं से संवाद किया जाए और इस कानून की सही जानकारी दी जाए।
उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में पिछले दिनों में हुए बवाल के पीछे दंगा कराने की विपक्ष की सुनियोजित साजिश थी। विपक्षी देश में माहौल बिगाड़ना चाहते थे। मगर समय रहते कड़े कदम उठाकर हमने साजिश विफल कर दी। कहा कि विपक्ष की सुनियोजित साजिश को हमने समय रहते ही भांप लिया था। उत्तर प्रदेश में तो
अब बवाल कराने वाले चिह्नित कर लिए गए हैं और उनके पोस्टर चस्पा कराए जा रहे हैं। पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया नाम के एक संगठन को भी चिह्नित किया है। बवाल में इसकी भूमिका पूरी तरह से संदिग्ध है। इस संगठन के सक्रिय लोग पहले भी देश विरोधी क्रियाकलापों में संलिप्त रहे हैं।