{"_id":"5f553dad8ebc3e37b90e4c0e","slug":"chokaghat-flyover-city-news-vns5457599191","type":"story","status":"publish","title_hn":"चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर पर मानकों की अनदेखी से हुए गड्ढे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर पर मानकों की अनदेखी से हुए गड्ढे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर पर हुए गड्ढे को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी और जल्दबाजी में किया गया काम का यही नतीजा होता है। फ्लाईओवर की ढलान और कर्व को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं, जबकि सेतु निगम के अधिकारी इससे इनकार कर रहे हैं। सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि एप्रोच मार्ग की मिट्टी बैठती है। इसके चलते गड्ढे हुए हैं। उनकी मरम्मत का काम शुरू कराया जा रहा है।
बीएचयू आईआईटी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के बृंद कुमार ने कहा कि जल्दबाजी में किया गया काम, इसी प्रकार के नतीजे देता है। शुरुआत से लेकर अंत तक मानकों का ध्यान नहीं रखने पर इतनी जल्दी फ्लाईओवर पर गड्ढे हुए हैं। बिटूमिन के समय ध्यान नहीं देने से गड्ढे हो गए हैं। थोड़ी बहुत ढलान से कोई फर्क नहीं पड़ता है। आखिरी छोर को ढलान थोड़ा सा और बढ़ा देते तो ऐसी समस्या नहीं होती। अभी भी कुछ नहीं बिगड़ा है। बेहतर ढंग से रिपेयरिंग करा देंगे तो सालों साल फ्लाईओवर चलेगा। सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक रोहित मिश्रा ने बताया कि डिजाइन और कर्व को लेकर किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है। सरकारी एजेंसी से अप्रूवल के बाद इसका निर्माण हुआ है। एप्रोच मार्ग जल्दबाजी में बनाया गया था। काम करने वाले ठेकेदारों को मरम्मत करने का नोटिस दिया गया है। इसकी बेहतर ढंग से रिपेयरिंग कराई जाएगी। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता सुग्रीव राम ने बताया कि ठीक ढंग से ढलान ना होने से सड़कें खराब होती हैं। फ्लाईओवर के आसपास की सर्विस रोड की मरम्मत कराने का काम बारिश बाद शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
बीएचयू आईआईटी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के बृंद कुमार ने कहा कि जल्दबाजी में किया गया काम, इसी प्रकार के नतीजे देता है। शुरुआत से लेकर अंत तक मानकों का ध्यान नहीं रखने पर इतनी जल्दी फ्लाईओवर पर गड्ढे हुए हैं। बिटूमिन के समय ध्यान नहीं देने से गड्ढे हो गए हैं। थोड़ी बहुत ढलान से कोई फर्क नहीं पड़ता है। आखिरी छोर को ढलान थोड़ा सा और बढ़ा देते तो ऐसी समस्या नहीं होती। अभी भी कुछ नहीं बिगड़ा है। बेहतर ढंग से रिपेयरिंग करा देंगे तो सालों साल फ्लाईओवर चलेगा। सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक रोहित मिश्रा ने बताया कि डिजाइन और कर्व को लेकर किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है। सरकारी एजेंसी से अप्रूवल के बाद इसका निर्माण हुआ है। एप्रोच मार्ग जल्दबाजी में बनाया गया था। काम करने वाले ठेकेदारों को मरम्मत करने का नोटिस दिया गया है। इसकी बेहतर ढंग से रिपेयरिंग कराई जाएगी। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता सुग्रीव राम ने बताया कि ठीक ढंग से ढलान ना होने से सड़कें खराब होती हैं। फ्लाईओवर के आसपास की सर्विस रोड की मरम्मत कराने का काम बारिश बाद शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन