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भव्य झांकियों संग निकली चिंतामणि गणेश की शोभायात्रा
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चिंतामणि गणेश मंदिर में चल रही भागवत कथा का समापन रविवार को हुआ। इस अवसर पर भगवान की भव्य शोभायात्रा में स्वरूपों संग काशीवासी भी शामिल हुए। राधा-कृष्ण की जोड़ी के साथ भूतभावन शंकर अपने गणों के साथ तांडव करते हुए चल रहे थे। भभूत और भस्म उड़ाते हुए शिवगण हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए शोभायात्रा में शामिल हुए।
रविवार को चिंतामणि गणेश की शोभायात्रा में शिवगण पूजा करे अघोरी शिव की..., राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा... भक्ति भजनों पर अबीर-गुलाल, भभूत की वर्षा करते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा में आगे-आगे भगवान शिव अपने गणों के साथ चल रहे थे। उनके पीछे राधा-कृष्ण अपने गोपियों संग भक्तों को दर्शन देते चल रहे थे। पीछे भगवान श्री श्री चिंतामणि गणेश का चित्र पालकी पर विराजमान था।
शोभायात्रा केदारघाट मंदिर से शुरू होकर भेलूपुरा, गौरीगंज, हनुमानघाट, शिवाला होते हुए सोनारपुरा स्थित मंदिर में आकर समाप्त हुई। शोभायात्रा में भगवान गणेश की आकर्षक पालकी, भागवत पुराण की झांकी, काशी के संस्कृति के अनुरूप विभिन्न वेशभूषा में स्थानीय कलाकार नृत्य करते हुए चल रहे थे। कथावाचक विवेक कृष्ण महाराज, महंत चल्ला सुब्बाराव शास्त्री, दयाशंकर मिश्र दयालु आदि शामिल रहे।
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रविवार को चिंतामणि गणेश की शोभायात्रा में शिवगण पूजा करे अघोरी शिव की..., राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा... भक्ति भजनों पर अबीर-गुलाल, भभूत की वर्षा करते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा में आगे-आगे भगवान शिव अपने गणों के साथ चल रहे थे। उनके पीछे राधा-कृष्ण अपने गोपियों संग भक्तों को दर्शन देते चल रहे थे। पीछे भगवान श्री श्री चिंतामणि गणेश का चित्र पालकी पर विराजमान था।
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शोभायात्रा केदारघाट मंदिर से शुरू होकर भेलूपुरा, गौरीगंज, हनुमानघाट, शिवाला होते हुए सोनारपुरा स्थित मंदिर में आकर समाप्त हुई। शोभायात्रा में भगवान गणेश की आकर्षक पालकी, भागवत पुराण की झांकी, काशी के संस्कृति के अनुरूप विभिन्न वेशभूषा में स्थानीय कलाकार नृत्य करते हुए चल रहे थे। कथावाचक विवेक कृष्ण महाराज, महंत चल्ला सुब्बाराव शास्त्री, दयाशंकर मिश्र दयालु आदि शामिल रहे।
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