फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Children reached school on time found lock teachers were absent despite orders

हद है!: बच्चे टाइम से पहुंचे स्कूल, लटका मिला ताला, आदेश के बावजूद नदारद रहे शिक्षक; बीएसए ने कही ये बात

Sat, 24 Aug 2024 05:00 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sat, 24 Aug 2024 05:00 PM IST
सार

Varanasi News: स्थानीय लोगों ने बताया कि बच्चों को बाहर खड़ा देखकर अभिभावकों को सूचना दी गई। अभिभावकों ने जब शिक्षकों को कॉल किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। आरोप है कि बराईं के प्राथमिक विद्यालय में ऐसा पहले भी हो चुका है।

विज्ञापन
Children reached school on time found lock teachers were absent despite orders
प्राथमिक विद्यालय पर लटका ताला, इंतजार करते रहे बच्चे। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चिरईगांव विकास खण्ड के ग्राम पंचायत बराईं के प्राथमिक विद्यालय में शनिवार को शिक्षकों के नहीं आने से मेन गेट का ताला ही नहीं खुला। नियमित समय से स्कूल आने वाले छात्र-छात्राएं काफी समय तक गेट पर बैठ कर शिक्षकों का इंतजार करते रहे। 

विज्ञापन


जब दस बजे तक कोई अध्यापक नहीं आया तब बच्चे निराश हो कर घर वापस लौट गए। जबकि शिक्षामित्र के साथ कुल आठ अध्यापक हैं। वहीं छात्रों की संख्या 129 है। ग्राम प्रधान पंकज गिरी की मानें तो अध्यापकों के समय से नहीं आने की शिकायत हमेशा रहती है। इस सम्बंध ने खण्ड शिक्षा अधिकारी चिरईगांव से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। 
विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि चिरईगांव ब्लाक के शिक्षकों की मनमानी की कहानी कोई नई नहीं है। अभी बीते अप्रैल माह में निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों को मुस्तफाबाद न्याय पंचायत के संकुल से छितौना, मुस्तफाबाद रेता, बभनपुरा व सिंहवार सहित कई विद्यालयों के छात्रों से शिक्षकों ने चिलचिलाती धूप में पाठ्यपुस्तकों को धुलवाया जिसकी वीडियो वायरल होने पर शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस पर जिम्मेदार लोगों के ऊपर कोई फर्क नहीं पड़ा। अब बराई में तैनात शिक्षकों की मनमानी का आलम यह है कि बगैर अवकाश के अवकाश पर हैं। सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी अभिभावकों से फोन पर बात करने को तैयार नहीं हैं।


इस बाबत, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अरविन्द कुमार पाठक ने बताया कि शनिवार को ललही छठ का त्योहार है। कुछ महिला शिक्षक व्रत रहती हैं ऐसे में उन्हें ढील देने के साथ हर हाल में विद्यालय खोलने व पठन-पाठन जारी रखने के लिए खण्ड शिक्षा अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए थे। यदि विद्यालय बन्द है तो यह घोर लापरवाही है। प्रकरण में खण्ड शिक्षा अधिकारी जिम्मेदारी हैं उनसे पूछताछ की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed