Holi 2023: होली महोत्सव रंग बरसे में खूब झूमे बच्चे, पपेट शो से देखा होलिका दहन, गूंजा फाग का राग
वाराणसी के महमूरगंज स्थित माई नर्चर प्री स्कूल में रंग बरसे होली महोत्सव बहुत ही हर्षोउल्लाष के साथ मनाया गया। होली के उपलक्ष्य पर सभी बच्चों ने होलिका दहन की पपेट शो द्वारा कहानी सुनी और देखी। सभी बच्चे विभिन्न प्रकार की मिठाइयां जैसे गुजिया , बर्फी , लौंगलता वगैरह ले कर आए और खूब मजे किए।
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होली की रंग-तरंग काशी के कण-कण में नजर आई। घाट, गलिया, चौराहे, मोहल्ले और गांव तक सतरंगी रंगों में नजर आ रहे चेहरे चटख रंगों की कहानी कह रहे थे। स्कूलों- कॉलेज में भी जमकर होली मनाई गई।
वाराणसी के महमूरगंज स्थित माई नर्चर प्री स्कूल में रंग बरसे होली महोत्सव बहुत ही हर्षोउल्लाष के साथ मनाया गया। होली के उपलक्ष्य पर सभी बच्चों ने होलिका दहन की पपेट शो द्वारा कहानी सुनी और देखी। सभी बच्चे विभिन्न प्रकार की मिठाइयां जैसे गुजिया , बर्फी , लौंगलता वगैरह ले कर आए और खूब मजे किए।
सभी बच्चों ने खूब डांस किया और हर्बल रंगों द्वारा एक दूसरे के साथ होली खेली। बच्चों ने एक दूसरे को होली की बधाइयां दी सभी टीचर्स ने खूब बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। इस मौके पर स्कूल की प्रिंसिपल निधि कपूर ने सभी बच्चों को होली की शुभकामनाओं के साथ चॉकलेट भी बांटे।
मंगलवार को शहर भर में हुआ होलिका दहन
होली और होलिका दहन के संशय के बीच काशी की जनता ने मंगलवार को होलिका दहन किया। होलिका दहन के साथ ही फाग का राग गूंजा तो रंग भी बरसे। फिजाओं में गुलाल-अबीर उड़ाकर लोगों ने एक दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं। मंगलवार की शाम को शहर से लेकर गांव तक होलिकाएं जलाई गईं। पहले दिन जहां 30 फीसदी होलिकाएं जलीं तो वहीं सात मार्च की शाम को 70 फीसदी होलिकाएं दहन की गईं।
मंगलवार की दोपहर से ही होलिका दहन की तैयारियां शुरू हाे गईं। होलिका दहन के लिए उपले, कंडे और लकड़ियों के साथ ही होलिका की प्रतिमाएं भी रखी गईं। जहां पहले से ही तैयारियां पूरी हो गई थीं, वहां पर पूजन किया गया। होलियारों की टोली भी दोपहर से ही मोहल्लों में घूम-घूमकर फाग गा रही थीं। शाम ढलने के साथ ही होलिकाओं के आसपास लोगों की जुटान शुरू हो गई। शाम को 5:40 बजे पूर्णिमा समाप्त होते ही होलिका दहन का सिलसिला शुरू हो गया। वहीं जहां पर सोमवार की मध्य रात्रि में होलिका दहन हुआ था, वहां भी दोबारा होलिका दहन की गई। रात 10 बजे तक शहर से लेकर गांव तक होलिकाओं में आग लग चुकी थी। इसके साथ ही होली का हुड़दंग भी शुरू हो गया। अस्सी से लेकर राजघाट, चेतगंज, अस्सी, बीएचयू, भगवानपुर, रोहनिया, सारनाथ, राजातालाब सहित सभी इलाकों में होलिका दहन किया गया।