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सोनभद्र में शौचालय के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरने से मासूम की मौत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनभद्र
Updated Mon, 02 Jul 2018 07:36 PM IST
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चक्काजाम करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के सोनभद्र जिले के एक गांव में शौचालय बनाने के लिए खोदे गये गड्ढे में भरे पानी में डूबने से अंशू (8) पुत्री पिंटू विश्वकर्मा की मौत हो गई। वह सोमवार सुबह शौच के लिए खेत में जा रही थी, इसी दौरान बरसात के चलते फिसल कर गड्ढे में गिर गई। गड्ढे में पानी भरा हुआ था।
कुछ देर बाद जब परिजनों ने खोजबीन शुरु की तो गड्ढे में गिरा देखकर उनके होश उड़ गए। गंभीर स्थिति में लोग उसे उपचार के लिए राबर्ट्सगंज लेकर जाने लगे, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। इससे आक्रोशित ग्रामीण मासूम की मौत को ग्राम प्रधान की लापरवाही बताते हुए सड़क पर उतर आए। उसरी गांव में ही घोरावल-राबर्ट्सगंज मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप था कि ग्राम प्रधान ने दो महीना पहले दबाव बनाकर शौचालय बनाने के लिए गड्ढा खोदवा दिया, लेकिन अभी तक शौचालय बनाने का सामान नहीं उपलब्ध करा सका। गड्ढे में पानी भर गया और इसीलिए बालिका गड्ढे में फिसल गई और उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने बालिका के परिजनों को मुआवजा देने, प्रधान के खिलाफ मुकदमा करने की मांग उठाई।
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चक्काजाम के दौरान ग्रामीणों ने सड़क पर वाहनों का टायर रख दिया था और प्रधान के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। जाम लगने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास की लेकिन ग्रामीण कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे।
फिर आधे घंटे बाद ही घोरावल के एसडीएम राजकुमार वहां पहुंच गये। उन्होंने एक हजार रुपये की तत्काल सहायता करने के साथ ही नियमानुसार मुआवजा दिलवाने, जांच के बाद प्रधान के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर जाम खुला।
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कुछ देर बाद जब परिजनों ने खोजबीन शुरु की तो गड्ढे में गिरा देखकर उनके होश उड़ गए। गंभीर स्थिति में लोग उसे उपचार के लिए राबर्ट्सगंज लेकर जाने लगे, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। इससे आक्रोशित ग्रामीण मासूम की मौत को ग्राम प्रधान की लापरवाही बताते हुए सड़क पर उतर आए। उसरी गांव में ही घोरावल-राबर्ट्सगंज मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया।
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ग्रामीणों का आरोप था कि ग्राम प्रधान ने दो महीना पहले दबाव बनाकर शौचालय बनाने के लिए गड्ढा खोदवा दिया, लेकिन अभी तक शौचालय बनाने का सामान नहीं उपलब्ध करा सका। गड्ढे में पानी भर गया और इसीलिए बालिका गड्ढे में फिसल गई और उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने बालिका के परिजनों को मुआवजा देने, प्रधान के खिलाफ मुकदमा करने की मांग उठाई।
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चक्काजाम के दौरान ग्रामीणों ने सड़क पर वाहनों का टायर रख दिया था और प्रधान के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। जाम लगने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास की लेकिन ग्रामीण कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे।
फिर आधे घंटे बाद ही घोरावल के एसडीएम राजकुमार वहां पहुंच गये। उन्होंने एक हजार रुपये की तत्काल सहायता करने के साथ ही नियमानुसार मुआवजा दिलवाने, जांच के बाद प्रधान के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर जाम खुला।