वाराणसी: विकास कार्यों का मुख्य सचिव ने जाना हाल, सुस्त रवैये पर जल निगम के कार्यों की होगी जांच, वीडियो कांफ्रेंसिंग से की समीक्षा
जल निगम के कार्यों पर मुख्य सचिव ने असंतोष जताया। विकास कार्यों में देरी से खफा मुख्य सचिव ने कार्यदायी संस्थाओं को तेजी लाने के लिए कहा। गुणवत्ता और सुरक्षा के मानकों का पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए।
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मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये वाराणसी के विकास कार्यों की समीक्षा की। विकास कार्यों में धीमी प्रगति से मुख्य सचिव संतुष्ट नहीं हैं। अब जल निगम के सुस्त रवैये से उनके कार्यों की गुणवत्ता की जांच होगी। वाराणसी स्थित आयुक्त सभागार में विभिन्न विभाग के उच्चाधिकारियों ने समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया।
कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने वाराणसी में 10 लाख से अधिक लागत के निर्माण कार्यों के बारे में बताया। कमिश्नर ने पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं के साथ ही निर्माणाधीन और विकास कार्यों में देरी के कारणों को भी मुख्य सचिव से साझा किया।
मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने गंगा प्रदूषण नियंत्रण के कार्यों में जल निगम की धीमी प्रगति पर असंतोष जताया। उन्होंने जल निगम के कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराने के लिए कमिश्नर को निर्देश दिया। विकास कार्यों में देरी से खफा मुख्य सचिव ने कार्यदायी संस्थाओं को तेजी लाने के लिए कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि गुणवत्ता और सुरक्षा के मानकों का ध्यान रखते हुए समय से परियोजनाओं को पूरा करें।
कार्यों को युद्ध स्तर पर करें पूरा
मुख्य सचिव की समीक्षा के बाद कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने सभी विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने कहा कि अगर किसी परियोजना में कोई बाधा, प्रशासनिक स्वीकृति लंबित आदि हो तो कमिश्नर और जिलाधिकारी के माध्यम से शासन में पत्राचार कराएं। कार्यों की गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए युद्ध स्तर पर समय से पूरा करें। इस मौके पर जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण ईशा दुहन सहित विभिन्न विभाग के उच्चाधिकारी मौजूद थे।