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मुख्यमंत्री डैशबोर्ड : रैंकिंग में चौथे स्थान पर कमिश्नरेट पुलिस, 11 महीने से टॉप 10 में
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साप्ताहिक समीक्षा और प्रभावी निगरानी के कारण पुलिसिंग के स्तर में हुआ सुधार
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड रैंकिंग में कमिश्नरेट पुलिस ने उत्तर प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया है। 11 महीनों से लगातार प्रदेश के शीर्ष 10 जिलों में वाराणसी कमिश्नरेट ने अपनी जगह बना रखी है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देशन, साप्ताहिक समीक्षा और प्रभावी निगरानी के कारण पुलिसिंग के स्तर में सुधार हुआ है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की यह रैंकिंग कुल 51 प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों पर आधारित है। 22 संकेतकों में पूरे उत्तर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। 10 संकेतकों में प्रदेश के शीर्ष 5 में जगह बनाई है। इन संकेतकों में अपराध नियंत्रण, विवेचना निस्तारण, अपराधियों की गिरफ्तारी, गैंगस्टर अधिनियम, महिला अपराध, अनुसूचित जाति व जनजाति अधिनियम, गुंडा अधिनियम, पशु-तस्करी, एनडीपीएस और डायल 112 का महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं।
10 मिनट से भी कम समय में पहुंची पीआरवी-112
आपातकालीन सेवाओं में पीआरवी 112 का प्रतिक्रिया समय जून में 5.26 मिनट रहा। 99.62 फीसदी मामलों में पुलिस 10 मिनट से भी कम समय में घटनास्थल पर पहुंची। इस प्रदर्शन के लिए वाराणसी को प्रदेश में पहला स्थान मिला है। गैंगस्टर अधिनियम के अपराधियों के खिलाफ 99.15 फीसदी और लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण में 93.81 फीसदी कार्रवाई के साथ वाराणसी पुलिस शीर्ष 5 में है। जघन्य अपराधों के वांछित आरोपियों के खिलाफ 96.25 फीसदी कार्रवाई कर प्रदेश में दूसरा स्थान है। 9 जघन्य अपराधों के मामलों में प्रभावी पैरवी कर सजा भी कराई गई। पशु तस्करी के मामले में 100 फीसदी कार्रवाई के साथ पहला स्थान और आबकारी, एनडीपीएस व गुंडा अधिनियम में शीर्ष 5 में जगह बनाई है। घरेलू सहायता, किरायेदार सत्यापन, चरित्र प्रमाणपत्र, जुलूस अनुरोध जैसी नागरिक सेवाओं में 100 फीसदी निस्तारण के साथ पहला स्थान मिला। अग्नि सुरक्षा (एनओसी) और सुरक्षा आकलन की समयबद्ध कार्रवाई में भी पहला स्थान प्राप्त हुआ है।
महिला अपराध मामले के निस्तारण में कमिश्नरेट पुलिस यूपी टॉप
महिला अपराध से संबंधित मामलों जैसे हत्या, दुष्कर्म, शीलभंग, अपहरण और दहेज मृत्यु के विवेचना निस्तारण में वाराणसी पुलिस ने 100 फीसदी प्रभावी कार्रवाई कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम के मामलों में भी 100 फीसदी कार्रवाई के साथ पहला स्थान मिला है। पॉक्सो अधिनियम के अपराधियों के खिलाफ 100 फीसदी कार्रवाई के साथ प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया गया है।
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कमिश्नरेट के तीनों जोन का प्रदर्शन बेहतर
कमिश्नरेट के काशी, वरुणा और गोमती में दर्ज प्राथमिकी में कुल 90.83 फीसदी गुणवत्तापूर्ण विवेचना निस्तारण की कार्रवाई की गई है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि गैंगस्टर, जघन्य अपराध, महिला और अनुसूचित जाति व जनजाति के अपराधियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई कर जन सुरक्षा को और अधिक मजबूत किया गया है। इसके सकारात्मक परिणाम इस रैंकिंग में दिखाई दे रहे हैं। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वर्ष 2023 और 2024 में वाराणसी की रैंकिंग आमतौर पर 70वें स्थान पर रहती थी।
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माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड रैंकिंग में कमिश्नरेट पुलिस ने उत्तर प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया है। 11 महीनों से लगातार प्रदेश के शीर्ष 10 जिलों में वाराणसी कमिश्नरेट ने अपनी जगह बना रखी है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देशन, साप्ताहिक समीक्षा और प्रभावी निगरानी के कारण पुलिसिंग के स्तर में सुधार हुआ है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की यह रैंकिंग कुल 51 प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों पर आधारित है। 22 संकेतकों में पूरे उत्तर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। 10 संकेतकों में प्रदेश के शीर्ष 5 में जगह बनाई है। इन संकेतकों में अपराध नियंत्रण, विवेचना निस्तारण, अपराधियों की गिरफ्तारी, गैंगस्टर अधिनियम, महिला अपराध, अनुसूचित जाति व जनजाति अधिनियम, गुंडा अधिनियम, पशु-तस्करी, एनडीपीएस और डायल 112 का महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं।
10 मिनट से भी कम समय में पहुंची पीआरवी-112
आपातकालीन सेवाओं में पीआरवी 112 का प्रतिक्रिया समय जून में 5.26 मिनट रहा। 99.62 फीसदी मामलों में पुलिस 10 मिनट से भी कम समय में घटनास्थल पर पहुंची। इस प्रदर्शन के लिए वाराणसी को प्रदेश में पहला स्थान मिला है। गैंगस्टर अधिनियम के अपराधियों के खिलाफ 99.15 फीसदी और लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण में 93.81 फीसदी कार्रवाई के साथ वाराणसी पुलिस शीर्ष 5 में है। जघन्य अपराधों के वांछित आरोपियों के खिलाफ 96.25 फीसदी कार्रवाई कर प्रदेश में दूसरा स्थान है। 9 जघन्य अपराधों के मामलों में प्रभावी पैरवी कर सजा भी कराई गई। पशु तस्करी के मामले में 100 फीसदी कार्रवाई के साथ पहला स्थान और आबकारी, एनडीपीएस व गुंडा अधिनियम में शीर्ष 5 में जगह बनाई है। घरेलू सहायता, किरायेदार सत्यापन, चरित्र प्रमाणपत्र, जुलूस अनुरोध जैसी नागरिक सेवाओं में 100 फीसदी निस्तारण के साथ पहला स्थान मिला। अग्नि सुरक्षा (एनओसी) और सुरक्षा आकलन की समयबद्ध कार्रवाई में भी पहला स्थान प्राप्त हुआ है।
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महिला अपराध मामले के निस्तारण में कमिश्नरेट पुलिस यूपी टॉप
महिला अपराध से संबंधित मामलों जैसे हत्या, दुष्कर्म, शीलभंग, अपहरण और दहेज मृत्यु के विवेचना निस्तारण में वाराणसी पुलिस ने 100 फीसदी प्रभावी कार्रवाई कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम के मामलों में भी 100 फीसदी कार्रवाई के साथ पहला स्थान मिला है। पॉक्सो अधिनियम के अपराधियों के खिलाफ 100 फीसदी कार्रवाई के साथ प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया गया है।
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कमिश्नरेट के तीनों जोन का प्रदर्शन बेहतर
कमिश्नरेट के काशी, वरुणा और गोमती में दर्ज प्राथमिकी में कुल 90.83 फीसदी गुणवत्तापूर्ण विवेचना निस्तारण की कार्रवाई की गई है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि गैंगस्टर, जघन्य अपराध, महिला और अनुसूचित जाति व जनजाति के अपराधियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई कर जन सुरक्षा को और अधिक मजबूत किया गया है। इसके सकारात्मक परिणाम इस रैंकिंग में दिखाई दे रहे हैं। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वर्ष 2023 और 2024 में वाराणसी की रैंकिंग आमतौर पर 70वें स्थान पर रहती थी।