मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में एक दूजे के हुए 591 जोड़े, परीक्षा देकर पहुंची युवती तो हुआ निकाह
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सोनभद्र में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शनिवार को जिला प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में 591 निर्धन जोड़े एक-दूजे के हो गए। श्रम विभाग की तरफ से पंजीकृत मजदूरों की बेटियों के लिए आयोजित इस सामूहिक विवाह में जिले के 287, मिर्जापुर के 234 और भदोही के 70 जोड़ों की शादी रचाई गई। इसमें 575 जोड़ों का विवाह हिंदू रीति-रिवाज से कराया गया।
वहीं 16 मुस्लिम जोड़ों का निकाह कराकर शादी की रस्म पूरी कराई गई। सामूहिक विवाह में एक वधू ऐसी भी थी जो परीक्षा देकर सामूहिक विवाह परिसर में पहुंची। श्रम विभाग कार्यालय मिर्जापुर की कर्मचारी सिम्मी के मुताबिक मिर्जापुर के मड़िहान तहसील अन्तर्गत जमुई बाजार की रहने वाली शायरा बानो अपनी लड़की सनोअर बक्स की शादी के लिए पंजीकरण कराई थी।
सनोअर बक्स शनिवार को सुबह पॉली में बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा देकर पहुंची है। तब उसका अफ्तार मोहम्मद के साथ निकाह कराया गया। सिम्मी के मुताबिक मिर्जापुर से कुल 10 मुस्लिम जोड़ों का पंजीकरण हुआ था। इसमें सात मुस्लिम जोड़े ही शादी समारोह में पहुंचे। जिस श्रमिक के बेटी की शादी हुई, उसके खाते में कन्या विवाह सहायता योजना के तहत 75-75 हजार रुपये सीधे खाते में भेजे गए।
वहीं प्रति जोड़ा सात-सात हजार रुपये शादी समारोह पर खर्च किया गया। मुख्य अतिथि श्रम एवं सेवायोजन समन्वय विभाग मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने जोड़ों को सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद दिया। कहा कि मजदूर देश का निर्माता और भाग्य विधाता होता है। कहा कि श्रम विभाग द्वारा संचालित सामूहिक विवाह योजन सहित कई योजनाएं श्रमिकों के लिए वरदान हैं।
श्रम विभाग में पंजीयन कराकर कोई भी मजदूर इसका लाभ उठा सकता है। विवाह से पूर्व सज-धजकर बारात निकाली गई। वर और वधू दोनों पक्षों के लोगों का गर्मजोशी से स्वागत-सत्कार किया गया। जिलाधिकारी एस राजलिगंम, सांसद पकौड़ीलाल कोल, विधायक घोरावल डा. अनिल कुमार मौर्या, जिलाध्यक्ष भाजपा अजीत चैबे, जिलाध्यक्ष अपना दल एस सत्यनारायण सिंह पटेल आदि ने आयोजन को ऐतिहासिक बताया।
ऐसे उठाएं सामूहिक विवाह योजना का लाभ
सोनभद्र के डीएलसी सरजू राम ने बताया कि भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक सामूहिक विवाह सहित अन्य योजनाओं का लाभ उठाने के लिए निकटतम श्रम कार्यालय में तीन वर्ष के लिए पंजीयन मात्र 80 रुपये शुल्क जमा करके करा सकता है। वहीं पंजीकृत श्रमिक तीन वर्ष के लिए मात्र 60 रुपये शुल्क देकर नवीनीकरण करा सकता है। इसके लिए उन्हे निर्धारित प्रारूप पर आवेदन पत्र भरकर प्रस्तुत करना होगा।