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छत्तीसगढ़ में एक बार फिर नक्सलियों का हमला, CRPF जवान जौनपुर का लाल शहीद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 25 May 2018 10:43 AM IST
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शहीद राजेश कुमार बिंद
- फोटो : अमर उजाला
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छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने एक बार फिर सुरक्षाबलों पर बड़ा हमला किया है। राज्य के नक्सल प्रभावित पुसवाड़ा जिले में गुरुवार सुबह नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट किया। इस हमले में सीआरपीएफ 206 कोबरा बटालियन का एक जवान शहीद हो गया वहीं एक अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गया।
शहीद जवान राजेश कुमार बिंद यूपी के जौनपुर जिले मीरगंज निवासी थे। उनकी शहीद होने की सूचना मिलते ही घर सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ पड़ी। मछलीशहर तहसील क्षेत्र के करियांव गांव निवासी राजेश बिंद सीआरपीएफ में सुकमा में एसआई पद पर तैनात थे। वह 206 कोबरा बटालियन के जवान थे। शहीद का पार्थिव शरीर देर रात गांव पहुंचने की संभावना है।
राजेश कुमार बिंद 2006 मे सीआरपीएफ में कांस्टेबल पद पर भर्ती हुए थे। विभागीय परीक्षा पास कर 2012 में वे एसआई बन गए। मौजूदा समय में वह सुकमा जिले में तैनात थे। गुरुवार की सुबह वह नक्सली हमले में घायल हो गए और इलाज के दौरान मौत हो गई।
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इससे पहले रविवार को दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों के हमले में सात जवान शहीद हो गए थे। इसमें दो जवान क्रमशः गाजीपुर और वाराणसी के रहने वाले थे। वहीं, 13 मार्च को नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ के सुकमा में सर्च ऑपरेशन में जुटे सीआरपीएफ के जवानों पर घात लगाकर आईईडी हमला किया था जिसमें नौ जवान शहीद हो गए थे।
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शहीद जवान राजेश कुमार बिंद यूपी के जौनपुर जिले मीरगंज निवासी थे। उनकी शहीद होने की सूचना मिलते ही घर सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ पड़ी। मछलीशहर तहसील क्षेत्र के करियांव गांव निवासी राजेश बिंद सीआरपीएफ में सुकमा में एसआई पद पर तैनात थे। वह 206 कोबरा बटालियन के जवान थे। शहीद का पार्थिव शरीर देर रात गांव पहुंचने की संभावना है।
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राजेश कुमार बिंद 2006 मे सीआरपीएफ में कांस्टेबल पद पर भर्ती हुए थे। विभागीय परीक्षा पास कर 2012 में वे एसआई बन गए। मौजूदा समय में वह सुकमा जिले में तैनात थे। गुरुवार की सुबह वह नक्सली हमले में घायल हो गए और इलाज के दौरान मौत हो गई।
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इससे पहले रविवार को दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों के हमले में सात जवान शहीद हो गए थे। इसमें दो जवान क्रमशः गाजीपुर और वाराणसी के रहने वाले थे। वहीं, 13 मार्च को नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ के सुकमा में सर्च ऑपरेशन में जुटे सीआरपीएफ के जवानों पर घात लगाकर आईईडी हमला किया था जिसमें नौ जवान शहीद हो गए थे।
सोशल मीडिया पर चल रही खबर से हुई जानकारी
सोशल मीडिया पर चल रही खबर दोपहर एक बजे तक पड़ोसियों तक पहुंच गई। तीन बजे एसडीएम मछलीशहर जगदंबा सिंह, सीओ मछलीशहर और एसओ मीरगंज पन्नेलाल, सांसद प्रतिनिधि राजेश सिंह शहीद के घर पहुंचे। वहां पहले से ही लोग जमा थे।
घर में सिर्फ महिलाएं थीं इस नाते उन्हें सिर्फ घायल होने की जानकारी दी गई। राजेश चार भाइयों में दूसरे नंबर के थे, बड़े भाई सुरेश मुंबई में इंजीनियर हैं। तीसरे नंबर के विश्वनाथ रेलवे में तथा सबसे छोटा आशीष आगरा में पढ़ाई कर रहा है।
उनकी तीन बहनें अनीता, मनीषा, सुनीता हैं। राजेश की शादी मीरगंज क्षेत्र के जगदीशपुर गांव में 2006 में ऊषा देवी के साथ हुई थी। वह तीन बच्चों के पिता थे। शहीद राजेश का बड़ा बेटा अमन (10), पुत्री मीनाक्षी (5) और सोनाक्षी दो वर्ष की है। राजेश के पिता की मौत 2012 में हो गई।
घर में सिर्फ महिलाएं थीं इस नाते उन्हें सिर्फ घायल होने की जानकारी दी गई। राजेश चार भाइयों में दूसरे नंबर के थे, बड़े भाई सुरेश मुंबई में इंजीनियर हैं। तीसरे नंबर के विश्वनाथ रेलवे में तथा सबसे छोटा आशीष आगरा में पढ़ाई कर रहा है।
उनकी तीन बहनें अनीता, मनीषा, सुनीता हैं। राजेश की शादी मीरगंज क्षेत्र के जगदीशपुर गांव में 2006 में ऊषा देवी के साथ हुई थी। वह तीन बच्चों के पिता थे। शहीद राजेश का बड़ा बेटा अमन (10), पुत्री मीनाक्षी (5) और सोनाक्षी दो वर्ष की है। राजेश के पिता की मौत 2012 में हो गई।