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Chhath Puja: शिव की नगरी में बिखरी छठ की छटा, 36 घंटे की तपस्या में अस्ताचलगामी सूर्य को दिया गया अर्घ्य
Sun, 30 Oct 2022 06:19 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Sun, 30 Oct 2022 06:19 PM IST
सार
लोक आस्था के महापर्व छठ का रंग वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल में देखने को मिल रहा है। रविवार शाम काशी के घाटों पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा।
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वाराणसी में छठ पूजा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सिर पर दउरा लेकर घाटों पर जाते लोग, सोलह श्रृंगार में सजकर मौसमी फलों से भरा सूप सिर पर उठाए घाट की ओर जातीं व्रती महिलाएं और उनके परिजन। दीपों और गन्नों की ढेरियों से सुसज्जित सुशुभिताएं। मारवो रे सुगवा... जैसे गीत गाती महिलाएं। पटाखे जलाते बच्चे, ढोल नगाड़े के बीच छठ मइया के जयकारों से गूंजते गीत। कुछ ऐसा ही नजारा रविवार शाम काशी के हर घाटों पर दिखा। घाटों पर आस्था, विश्वास व त्रिवेणी बह उठी। पूजन-अर्चन के दौरान नजारा अलौकिक रहा। लोक आस्था के महापर्व छठ का रंग वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल में देखने को मिल रहा है।
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गंगा घाटों, कुंडों और सरोवरों पर दो साल बाद इतनी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। अस्सी और दशाश्वमेध समेत विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी है। गंगा घाटों के साथ शहर के कुंडों, तालाब व सरोवरों की सजावट की गई है। कहीं शहनाई बज रही है तो कहीं बैंड बाजे। इस विहंगम दृश्य को देखने के लिए दूर-दराज से तो लोग आए ही हैं लेकिन विदेशियों के लिए यह मेला किसी अचरज से कम नहीं है। नहाय खाय के साथ शुक्रवार को शुरू चार दिन का यह पर्व सोमवार को उदयगामी सूर्य को अर्घ्य देने के बाद पूरा होगा।
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घरों में हौज तो कुछ घरों में स्वीमिंग पूल में आयोजन हो रहा है। व्रती महिलाएं परिवार की खुशहाली व सुख समृद्धि के लिए पूजा करेंगी।
खरना के बाद रविवार को छठ का तीसरा दिना है। आज अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा, जबकि सोमवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। वाराणसी समेत पूर्वांचल के अन्य जिलों के घाटों पर छठ व्रती डूबते हुई सूर्य को अर्घ्य देकर भगवान भास्कर की उपासना करेंगे। अर्घ्य को लेकर काशी के गंगा घाटों, कुंडों और सरोवरों पर खास व्यवस्था की गई है।
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रामनगर में छठ पूजा
- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी कमिशनरेट के समस्त प्रमुख घाटों एवं कुंडों पर समुचित सुरक्षा व्यवस्था लगाई गई है। डीसीपी काशी एवं वरुणा को निर्देशित किया गया है कि प्रमुख पूजा स्थानों का स्वयं भ्रमण करें। एडीसीपी ट्रैफिक को टास्क दिया गया है कि श्रद्धालुओं को यातायात संबंधित कोई असुविधा न हो। कमिशनरेट के सभी एंटी रोमियो स्क्वाड की ड्यूटी संवेदनशील इलाकों में लगाई गई है।