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वाराणसी के बड़े आभूषण कारोबारी ने स्वीकारी 21 करोड़ की अघोषित आय
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 06 May 2017 03:08 PM IST
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चेतमणि आर्नामेंट्स ग्रुप
- फोटो : अमर उजाला
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चेतमणि आर्नामेंट ग्रुप के आभूषण प्रतिष्ठानों पर 30 घंटे तक चले आयकर विभाग के सर्च ऑपरेशन में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आभूषण कारोबारी ने करीब 21 करोड़ रुपये की अघोषित आय स्वीकार की है।
जांच-पड़ताल के दौरान दिल्ली, मुंबई और कोलकाता तक फैले कारोबारी के आभूषण गिरवी रखने, जमीन के कारोबार का पता चला है। नगदी और कीमती जेवरातों से भरे छह लॉकर, लाखों के बेनामी आभूषण, नकदी, महत्वपूर्ण दस्तावेज, कंप्यूटर हार्ड डिस्क सीज किए गए हैं।
बैंक खातों की पड़ताल से पता चला कि नोटबंदी के दौरान 20 करोड़ रुपये जमा कराए गए और कारोबार घाटे में दिखाया गया।
अपर निदेशक (जांच) अभय ठाकुर की अगुवाई में ‘ऑपरेशन क्लीन नोट’ के तहत गुुरुवार की सुबह आठ बजे वाराणसी के अलावा लखनऊ, इलाहाबाद, गोरखपुर, बरेली और हल्द्वानी की आयकर टीमों ने चेतमणि के वाराणसी और मुगलसराय (चंदौली) के 10 प्रतिष्ठानों पर एक साथ सर्च की कार्रवाई शुरू की थी।
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आयकर सूत्रों की मानें तो 30 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन में पता चला कि आभूषण और जमीन गिरवी रखकर रुपये देने का कारोबार दिल्ली, मुंबई, कोलकाता तक फैला हुआ है। कारोबारी के सीज किए गए छह लॉकरों में करोड़ों रुपये और डायमंड भरे हैं।
सर्च ऑपरेशन में अधिकारियों को बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज और सोने-हीरे के लाखों के आभूषण, सोने की ईंटें मिली हैं।
पूछताछ में कारोबारी इस बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
आयकर विभाग के अपर निदेशक जांच एवं संयुक्त आयुक्त अभय ठाकुर ने बताया कि कारोबारी के यहां से मिले सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों, आभूषणों और लॉकर, हार्ड डिस्क को सीज कर दिया गया है। अघोषित आय पर जुर्माना वसूला जाएगा। बताया कि अभी छानबीन की जा रही है। कर चोरी का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
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जांच-पड़ताल के दौरान दिल्ली, मुंबई और कोलकाता तक फैले कारोबारी के आभूषण गिरवी रखने, जमीन के कारोबार का पता चला है। नगदी और कीमती जेवरातों से भरे छह लॉकर, लाखों के बेनामी आभूषण, नकदी, महत्वपूर्ण दस्तावेज, कंप्यूटर हार्ड डिस्क सीज किए गए हैं।
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बैंक खातों की पड़ताल से पता चला कि नोटबंदी के दौरान 20 करोड़ रुपये जमा कराए गए और कारोबार घाटे में दिखाया गया।
अपर निदेशक (जांच) अभय ठाकुर की अगुवाई में ‘ऑपरेशन क्लीन नोट’ के तहत गुुरुवार की सुबह आठ बजे वाराणसी के अलावा लखनऊ, इलाहाबाद, गोरखपुर, बरेली और हल्द्वानी की आयकर टीमों ने चेतमणि के वाराणसी और मुगलसराय (चंदौली) के 10 प्रतिष्ठानों पर एक साथ सर्च की कार्रवाई शुरू की थी।
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आयकर सूत्रों की मानें तो 30 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन में पता चला कि आभूषण और जमीन गिरवी रखकर रुपये देने का कारोबार दिल्ली, मुंबई, कोलकाता तक फैला हुआ है। कारोबारी के सीज किए गए छह लॉकरों में करोड़ों रुपये और डायमंड भरे हैं।
सर्च ऑपरेशन में अधिकारियों को बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज और सोने-हीरे के लाखों के आभूषण, सोने की ईंटें मिली हैं।
पूछताछ में कारोबारी इस बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
आयकर विभाग के अपर निदेशक जांच एवं संयुक्त आयुक्त अभय ठाकुर ने बताया कि कारोबारी के यहां से मिले सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों, आभूषणों और लॉकर, हार्ड डिस्क को सीज कर दिया गया है। अघोषित आय पर जुर्माना वसूला जाएगा। बताया कि अभी छानबीन की जा रही है। कर चोरी का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
गहने गिरवी रखने वालों से भी होगी पूछताछ
चेतमणि आर्नामेंट ग्रुप
- फोटो : अमर उजाला
आभूषण कारोबारी के यहां पांच लाख या इससे अधिक के गहने और जमीन गिरवी रखने वालों पर भी आयकर का शिकंजा जल्द कस सकता है। अपर निदेशक (जांच) अभय ठाकुर का कहना है कि इनकी सूची तैयारी की जा रही है। इनसे भी पूछताछ की जाएगी। इस बारे में उनके दस्तावेजों की पड़ताल के बाद कार्रवाई की जाएगी।
पूर्वांचल समेत कई राज्यों के कारोबारी शिकंजे में
चेतमणि आर्नामेंट ग्रुप पर आयकर के सर्च आपरेशन में जो तथ्य सामने आए हैं, उससे पूर्वांचल समेत देश के कई राज्यों के आभूषण और जमीन से जुड़े कारोबारी आयकर के शिकंजे में आ सकते हैं। आयकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सर्च ऑपरेशन में मिली जानकारियां के आधार पर ऐसे सभी कारोबारियों को चिह्नित किया जा रहा है।