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गंगा के बदले रंग ने बढ़ाई चिंता, प्रवाह बढ़ने पर सुधरेंगे हालात
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गंगाजल के बदले हुए रंग ने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। विंध्याचल अप स्ट्रीम से आ रहे पीले रंग के पानी का असर बनारस में साफ नजर आ रहा है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग अब गंगा की रोजाना सैंपलिंग करा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि गंगा में प्रवाह बढ़ने के बाद पानी की रंगत साफ हो जाएगी। पिछले सात दिनाें के आंकड़ों के अनुसार घुलनशील आक्सीजन का स्तर 10 के ऊपर बना हुआ है।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी गंगाजल के नमूनों की रिपोर्ट के अनुसार गंगाजल में अस्सी से राजघाट के बीच आक्सीजन की मात्रा मानक के अनुसार सही है। अपस्ट्रीम से लेकर राजघाट तक लिए गए गंगाजल के नमूनों में डीओ का स्तर लगातार 10 के ऊपर है। दो फरवरी को अपस्ट्रीम में डीओ का स्तर 9.4, डाउनस्ट्रीम में 9.8, तीन फरवरी को अपस्ट्रीम में 10.2 और डाउनस्ट्रीम में 9.8, चार फरवरी को 10.3 और पांच फरवरी को 10.6 दर्ज किया गया था।
चौबीस घंटे पूर्व लिए गए गंगाजल के नमूनों में अप स्ट्रीम विश्व सुंदरी पुल पर घुलनशील ऑक्सीजन (डीओ) की मात्रा 13.2 और डाउन स्ट्रीम राजघाट पर 11.4 रही। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी कालिका सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों को पूरी रिपोर्ट भेज दी गई है। गंगा में जलस्तर और प्रवाह कम होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। अप स्ट्रीम से जैसे ही गंगा में प्रवाह बढ़ेगा, पानी का रंग सुधर जाएगा। गंगाजल की लगातार सैंपलिंग कराई जा रही है।
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क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी गंगाजल के नमूनों की रिपोर्ट के अनुसार गंगाजल में अस्सी से राजघाट के बीच आक्सीजन की मात्रा मानक के अनुसार सही है। अपस्ट्रीम से लेकर राजघाट तक लिए गए गंगाजल के नमूनों में डीओ का स्तर लगातार 10 के ऊपर है। दो फरवरी को अपस्ट्रीम में डीओ का स्तर 9.4, डाउनस्ट्रीम में 9.8, तीन फरवरी को अपस्ट्रीम में 10.2 और डाउनस्ट्रीम में 9.8, चार फरवरी को 10.3 और पांच फरवरी को 10.6 दर्ज किया गया था।
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चौबीस घंटे पूर्व लिए गए गंगाजल के नमूनों में अप स्ट्रीम विश्व सुंदरी पुल पर घुलनशील ऑक्सीजन (डीओ) की मात्रा 13.2 और डाउन स्ट्रीम राजघाट पर 11.4 रही। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी कालिका सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों को पूरी रिपोर्ट भेज दी गई है। गंगा में जलस्तर और प्रवाह कम होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। अप स्ट्रीम से जैसे ही गंगा में प्रवाह बढ़ेगा, पानी का रंग सुधर जाएगा। गंगाजल की लगातार सैंपलिंग कराई जा रही है।
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