Chandra Grahan 2022: सूतक के कारण वाराणसी में मंदिरों के कपाट बंद, फिर भी पहुंच रहे भक्त, जानिए क्यों
इस वर्ष का आखिरी चंद्रग्रहण आज शाम लगने जा रहा है। वाराणसी में शाम 5 बजकर 10 मिनट से ग्रहण काल की शुरुआत होगी और शाम 6 बजकर 19 मिनट पर मोक्ष होगा।
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इस वर्ष का आखिरी चंद्रग्रहण आज शाम लगने जा रहा है। ग्रहण को लेकर कई तरह की धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताएं हैं। चंद्र ग्रहण लगने के 9 घंटे पहले से सूतक काल शुरू हो जाता है। इस दौरान मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं। इसी के चलते तीर्थ नगरी काशी में भी कुछ देवालयों के कपाट बंद हो गए तो कुछ मंदिर में दर्शन-पूजन बंद होने वाला है।
संकटमोचन दरबार सुबह 8.10 बजे से बंद है। बाबा विश्वनाथ दरबार अपरान्ह साढ़े तीन बजे बंद होगा। मां अन्नपूर्णा मंदिर का कपाट मंगलवार को अपराह्न तीन बजे से शाम सात बजे तक बंद रहेगा। ग्रहण पूजा के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोल दिए जाएंगे।
मंदिर बंद हैं, फिर भी लोग मंदिर पहुंच पूजन कर रहे हैं। मान्यता है कि ग्रहण काल के कुप्रभाव से बचने के लिए इस समय में पूजन, मंत्र जप का विशेष फल मिलता है। यही कारण है कि लोग मंदिरों में बंद कपाट के सामने खड़े होकर पूजन अर्चन कर रहे हैं। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि आज शाम 5.10 बजे से शाम 6.19 बजे तक चंद्र ग्रहण रहेगा।
इसको ध्यान में रखते हुए दोपहर 3.30 बजे से श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के साथ ही अन्य सभी विग्रहों के कपाट आम दर्शनार्थियों के लिए पूरी तरह से बंद रहेंगे। शाम को 6.30 बजे ग्रह पूजा के बाद मंदिर आम दर्शनार्थियों के लिए खोला जाएगा।