चंदौली में शहीद को अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब
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छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में शनिवार की सुबह नक्सली हमले में धानापुर के बुद्धपुर गांव निवासी सीआरपीएफ के जवान गोरखनाथ भी शहीद हो गए। रविवार को शहीद का शव गांव में पहुंचा तो अंतिम विदाई देने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। गांव में ही गंगा तट पर दोपहर बाद राजकीय सम्मान के साथ शव का अंतिम संस्कार किया गया।
थाना क्षेत्र के बुद्धपुर गांव निवासी महेन्द्र राम के तीन पुत्रों में सबसे बड़ा गोरखनाथ (27) सात वर्ष पहले सीआरपीएफ में सिपाही पद पर नियुक्त हुआ था। दो छोटे भाई अमरनाथ और पारस घर पर रहते हैं। ऐसे में पूरे घर की जिम्मेदारी गोरख के कंधें पर ही थी।
दो वर्ष पहले उसका विवाह सकलडीहा कोतवाली के नोनार तुलसी आश्रम गांव के रेनू देवी के साथ हुई थी। गोरखनाथ का छह माह का एक बेटा भी है। वर्तमान में गोरखनाथ की पोस्टिंग छत्तीसगढ के सुकमा के जंगल में थी। एक पखवारा पूर्व उसने जल्द वापस आने का वादा कर ड्यूटी पर गया था।
शनिवार की सुबह नक्सलियों के हमले में 10 साथियों के साथ गोरखनाथ भी शहीद हो गया। जैसे ही गोरखनाथ के शहीद होने की खबर गांव में पहुंची गांव में मातम पसर गया। पत्नी भाईयों और माता रेशमा देवी का रो रो कर हाल बेहाल हो गया।
रविवार को छत्तीसगढ़ के विशेष विमान से शहीद का शव वाराणसी के बावतपुर हवाई अड्डा पर पहुंचा। यहां से सीआरपीएफ के वाहन में शव चंदौली, सकलडीहा होते हुए दोपहर में दो बजे गांव पहुंचा। इसके पूर्व यहां शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों लोगों की भीड़ जुट गई थी।
शहीद के शव को गांव में पहुंचते ही डीआईजी वाराणसी, के साथ एसपी दीपिका तिवारी, एसडीएम सकलडीहा जितेन्द्र कुशवाहा, सीओ सकलडीहा चिरंजीवी मुखर्जी, दिनेश प्रताप, सीआरपीएफ कमांडेंट सुरेन्द्र कुमार राम, सीआरपीएफ कमांडेंट वेद प्रकाश तिपाठी, सैयदराजा के निवर्तमान विधायक विधायक मनोज सिंह डब्लू, प्रधान नगीना यादव, लालचंद सिंह, गोविंद उपाध्याय आदि ने श्रद्धांजलि दी।