{"_id":"5a522a974f1c1b4d198b574c","slug":"chair-lift-start-on-ganga-ghat-in-varanasi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बुजुर्गोँ और दिव्यांगों के लिए गंगा दर्शन हुआ आसान, काशी के घाट पर लगाई गई चेयरलिफ्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुजुर्गोँ और दिव्यांगों के लिए गंगा दर्शन हुआ आसान, काशी के घाट पर लगाई गई चेयरलिफ्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 08 Jan 2018 02:15 PM IST
विज्ञापन
केदार घाट पर चेयरलिफ्ट का उद्धघाटन करते राज्यमंत्री डा नीलकंठ तिवारी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काशी में अब बुजुर्गोँ और दिव्यांगों के लिए गंगा दर्शन आसान हो गया। केदार घाट पर बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चेयर लिफ्ट की सुविधा शुरू हो गई। पीएचडी चैम्बर आफ कामर्स के वाराणसी चैप्टर की ओर से यह सुविधा शुरू हुई है।
रविवार को राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी ने चेयर लिफ्ट का शुभारंभ करते हुए कहा कि काशी को संपूर्ण तीर्थ की मान्यता प्राप्त है। केंद्र और प्रदेश सरकार काशी के विकास के लिए प्रयत्नशील है। काशी को पौराणिकता के साथ ही स्मार्ट बनाने की कवायद चल रही है। इस दौरान उन्होंने चार छतरियों का भी लोकार्पण किया।
चैप्टर संयोजक अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि केदारघाट के बाद 10 और घाटों पर यह सुविधा शुरू की जाएगी। इसके साथ ही पीएचडी चैंबर आफ कामर्स की ओर से ओल्डमैन होम, नेचुरोपैथी कॉलेज और एक नया घाट नारायणपुर के पास बनाने की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन
इसके साथ ही काशी की पहचान छतरियों को भी सभी घाटों पर लगाया जाएगा। छतरियां बनाने वाले अब कम हो गए हैं। हमारा प्रयास है कि काशी के सभी घाटों पर वाराणसी चैप्टर की ओर से 140 छतरियां लगाई जाएंगी।
विज्ञापन
रविवार को राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी ने चेयर लिफ्ट का शुभारंभ करते हुए कहा कि काशी को संपूर्ण तीर्थ की मान्यता प्राप्त है। केंद्र और प्रदेश सरकार काशी के विकास के लिए प्रयत्नशील है। काशी को पौराणिकता के साथ ही स्मार्ट बनाने की कवायद चल रही है। इस दौरान उन्होंने चार छतरियों का भी लोकार्पण किया।
विज्ञापन
चैप्टर संयोजक अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि केदारघाट के बाद 10 और घाटों पर यह सुविधा शुरू की जाएगी। इसके साथ ही पीएचडी चैंबर आफ कामर्स की ओर से ओल्डमैन होम, नेचुरोपैथी कॉलेज और एक नया घाट नारायणपुर के पास बनाने की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन
इसके साथ ही काशी की पहचान छतरियों को भी सभी घाटों पर लगाया जाएगा। छतरियां बनाने वाले अब कम हो गए हैं। हमारा प्रयास है कि काशी के सभी घाटों पर वाराणसी चैप्टर की ओर से 140 छतरियां लगाई जाएंगी।
इंग्लैंड से मंगाई गई है चेयर लिफ्ट
राज्यमंत्री डा नीलकंठ तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
वहीं दूसरी तरफ राज्यमंत्री ने केदारघाट पर चार छतरियों का भी लोकार्पण किया और इसे सराहनीय पहल भी बताया। अनुज डिडवानिया ने कहा कि मंदिरों में चढ़ने वाली फूल-मालाओं से खाद बनाने के लिए मशीनें लगाने की तैयारी की जा रही है।
पहले चरण में दुर्गा मंदिर, शीतला मंदिर और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में वेस्टेज मशीनें लगाई जाएंगी। सफलता मिलने पर इसे और भी मंदिरों में लगाया जाएगा। इस अवसर पर मेयर मृदुला जायसवाल, ऋषभ चंद्र जैन, सभासद डा. राजेश जायसवाल ने विचार व्यक्त किए।
केदार घाट पर लगाई गई चेयरलिफ्ट को इंग्लैंड से मंगाया गया है। इसकी लागत छह लाख रुपये रखी गई है। अशोक गुप्ता ने बताया कि चेयर लिफ्ट के संचालन के लिए कर्मचारी रखा गया है। इसका संचालन सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरे शिफ्ट में शाम चार बजे से सात बजे तक किया जाएगा।
पहले चरण में दुर्गा मंदिर, शीतला मंदिर और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में वेस्टेज मशीनें लगाई जाएंगी। सफलता मिलने पर इसे और भी मंदिरों में लगाया जाएगा। इस अवसर पर मेयर मृदुला जायसवाल, ऋषभ चंद्र जैन, सभासद डा. राजेश जायसवाल ने विचार व्यक्त किए।
केदार घाट पर लगाई गई चेयरलिफ्ट को इंग्लैंड से मंगाया गया है। इसकी लागत छह लाख रुपये रखी गई है। अशोक गुप्ता ने बताया कि चेयर लिफ्ट के संचालन के लिए कर्मचारी रखा गया है। इसका संचालन सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरे शिफ्ट में शाम चार बजे से सात बजे तक किया जाएगा।