{"_id":"5894ccbd4f1c1b953fe81590","slug":"central-team-reachd-varanasi-to-watch-cleaness-of-city","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"वाराणसी में सफाई की हकीकत देखने पहुंची केंद्रीय मंत्रालय की टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाराणसी में सफाई की हकीकत देखने पहुंची केंद्रीय मंत्रालय की टीम
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 04 Feb 2017 12:02 AM IST
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तीन सदस्यीय टीम ने नगर निगम में संबंधित दस्तावेज जांचे
- फोटो : अमर उजाला
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आखिरकार लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार को स्वच्छता सर्वे के लिए केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की टीम शहर पहुंची। तीन सदस्यीय टीम सबसे पहले दिन में नगर निगम दफ्तर गई। स्वच्छता संबंधी दस्तावेजों को जांचा। इसके बाद स्थलीय हकीकत जानने के लिए दो अधिकारी अलग-अलग बाइक से शहर में निकले।
स्थलीय निरीक्षण के बाद ही पता चलेगा कि तीन माह से शहर को चमकाने में जुटे नगर निगम प्रशासन के दावों में कितनी सच्चाई है।
अरुण कुमार की अगुवाई में गोविंद कुमार और रोहित कुमार की टीम 11 बजे नगर निगम कार्यालय पहुंची।
अरुण कुमार ने दस्तावेजों के साथ वार रूम, परिसर की सफाई को देखा। सफाईकर्मियों से भी टीम ने फीडबैक लिया।
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक दस्तावेज से टीम संतुष्ट दिखी।
इसके बाद गोविंद कुमार और रोहित कुमार अलग-अलग बाइक के शहर के विभिन्न स्थानों के स्थलीय निरीक्षण के लिए निकले। दोनों अधिकारियों ने रथयात्रा, छोटी मलदहिया, मलदहिया मलिन बस्ती, पिपलानी कटरा, अर्दली बाजार, राजाबाजार मलिन बस्ती, ढेलवरिया, चंदुआ सट्टी, रामापुरा मलिन बस्ती, सिगरा थाना, रेवड़ी मीट बाजार, रविदास गेट से लंका कॉमर्सियल मार्केट, खोजवां गल्ला मंडी समेत कई स्थानों पर निरीक्षण किया और नागरिकों से फीडबैक लिया।
इसके अलावा वार्ड नंबर 25 में खुले में शौच की स्थिति देखी। टीम के सदस्यों को दिल्ली से अधिकारी निर्देशित कर रहे थे। स्वच्छता ऐप पर ऑनलाइन प्रमुख चौराहों, सड़कों और मुहल्लों में टीम के सदस्यों को पहुंचने का निर्देश दे रहे थे। संबंधित क्षेत्र की गोपनीय रिपोर्ट तैयार की गई।
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स्थलीय निरीक्षण के बाद ही पता चलेगा कि तीन माह से शहर को चमकाने में जुटे नगर निगम प्रशासन के दावों में कितनी सच्चाई है।
अरुण कुमार की अगुवाई में गोविंद कुमार और रोहित कुमार की टीम 11 बजे नगर निगम कार्यालय पहुंची।
अरुण कुमार ने दस्तावेजों के साथ वार रूम, परिसर की सफाई को देखा। सफाईकर्मियों से भी टीम ने फीडबैक लिया।
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक दस्तावेज से टीम संतुष्ट दिखी।
इसके बाद गोविंद कुमार और रोहित कुमार अलग-अलग बाइक के शहर के विभिन्न स्थानों के स्थलीय निरीक्षण के लिए निकले। दोनों अधिकारियों ने रथयात्रा, छोटी मलदहिया, मलदहिया मलिन बस्ती, पिपलानी कटरा, अर्दली बाजार, राजाबाजार मलिन बस्ती, ढेलवरिया, चंदुआ सट्टी, रामापुरा मलिन बस्ती, सिगरा थाना, रेवड़ी मीट बाजार, रविदास गेट से लंका कॉमर्सियल मार्केट, खोजवां गल्ला मंडी समेत कई स्थानों पर निरीक्षण किया और नागरिकों से फीडबैक लिया।
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इसके अलावा वार्ड नंबर 25 में खुले में शौच की स्थिति देखी। टीम के सदस्यों को दिल्ली से अधिकारी निर्देशित कर रहे थे। स्वच्छता ऐप पर ऑनलाइन प्रमुख चौराहों, सड़कों और मुहल्लों में टीम के सदस्यों को पहुंचने का निर्देश दे रहे थे। संबंधित क्षेत्र की गोपनीय रिपोर्ट तैयार की गई।
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नागरिक फीडबैक में बनारस 15वें पायदान पर
दिल्ली से निर्देशित स्थान पर पहुंचते रहे टीम के सदस्य
- फोटो : अमर उजाला
काशी को स्वच्छ शहरों में शुमार करने के लिए इस बार नागरिक भी पीछे नहीं है। स्वच्छता ऐप, टोल फ्री नंबर 1969 पर दिए गए सुझाव के आधार पर काशी देश में 15वें स्थान पर पहुंच गया है।
टोल फ्री नंबर 3999 लोगों ने सुझाव और जवाब दिए हैं। वाराणसी के अलावा प्रदेश का अन्य कोई शहर टॉप-20 में नहीं है। पहले स्थान पर ग्वालियर है। गुजरात का सूरत शहर 20वें पायदान पर है। स्वच्छ शहरों की सूची का प्रकाशन 12 फरवरी के बाद होना है।
केंद्रीय टीम शनिवार को करसड़ा में कूड़ा प्लांट और शहर में प्लास्टिक से बनाई गई 10 सड़कों का जायजा लेगी।
टीम कब और कहां पहुंचेगी, इसकी जानकारी नगर निगम के अधिकारियों को नहीं थी। इससे अधिकारी परेशान दिखे। सर्वे टीम मीडिया से भी दूरी बनाए रखी। टीम का कोई सदस्य, कुछ बोलने को तैयार नहीं था।
टोल फ्री नंबर 3999 लोगों ने सुझाव और जवाब दिए हैं। वाराणसी के अलावा प्रदेश का अन्य कोई शहर टॉप-20 में नहीं है। पहले स्थान पर ग्वालियर है। गुजरात का सूरत शहर 20वें पायदान पर है। स्वच्छ शहरों की सूची का प्रकाशन 12 फरवरी के बाद होना है।
केंद्रीय टीम शनिवार को करसड़ा में कूड़ा प्लांट और शहर में प्लास्टिक से बनाई गई 10 सड़कों का जायजा लेगी।
टीम कब और कहां पहुंचेगी, इसकी जानकारी नगर निगम के अधिकारियों को नहीं थी। इससे अधिकारी परेशान दिखे। सर्वे टीम मीडिया से भी दूरी बनाए रखी। टीम का कोई सदस्य, कुछ बोलने को तैयार नहीं था।