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केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर बोले- छोटे-छोटे प्रयासों से ही मिलेगी बड़ी कामयाबी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 30 Aug 2017 11:19 PM IST
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केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर
- फोटो : अमर उजाला
स्वच्छता का अभियान निरंतर जारी रहना चाहिए। इसके लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। छोटे-छोटे प्रयासों से ही बड़ी कामयाबियां मिलती हैं। बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हर कोई आगे आए। अपने-अपने स्तर से प्रयास करे। यह दृढ़ निश्चय वाली सरकार है। कठोर फैसले लेने में कभी पीछे नहीं हट सकती।
ये बातें केंद्रीय शहरी विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहीं। वह बुधवार को यहां आल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ लोकल सेल्फ गवर्नमेंट और नगर निगम की ओर से आयोजित ‘संवाद’ को संबोधित कर रहे थे। शहरी विकास मंत्रालय संभालने के बाद पहली बार वाराणसी आए तोमर ने संवाद के दौरान बनारस के आधारभूत ढांचे, नमामि गंगे और स्वच्छता अभियान पर फोकस किया।
उन्होंने कहा कि वाराणसी को 2018 तक ओडीएफ घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने नोटबंदी और जीएसटी जैसे बड़े फैसलों को लागू किया और उसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
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तीन सत्रों में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के विधि, न्याय, युवा एवं खेल राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन 17 सितंबर तक बनारस को कचरा मुक्त बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। अध्यक्षता बीएचयू के कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने की।
उन्होंने कहा कि बनारस के विकास को यहां की संस्कृति से अलग करके नहीं देखा जा सकता। महापौर रामगोपाल मोहले ने कहा कि गांधी जी ने दो नारे लगाए थे पहला क्विट इंडिया और दूसरा क्लीन इंडिया। पहला तो पूर्ण हो चुका है लेकिन दूसरा अभी बाकी है।
सीनियर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रवि रंजन गुरु ने कहा कि बनारस अनोखा शहर है। यहां के लोग अपनी संस्कृति और धरोहरों को लेकर चिंतित हैं। बनारस आधुनिकता और परंपरा के बीच फंसा हुआ है और इसका समाधान हमें ढूंढना होगा।
प्रोफेसर यूके चौधरी ने कहा कि गंगा बीमार है और उसे इलाज चाहिए। गंगा सिकुड़ रही हैं, सिमट रहीं हैं और समय रहते हम नहीं जागे तो बहुत देर हो जाएगी। प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने कहा कि बनारस के विकास की योजना लखनऊ में नहीं बनाई जा सकती है। उसकी नीति बनारस में ही बनानी होगी।
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ये बातें केंद्रीय शहरी विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहीं। वह बुधवार को यहां आल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ लोकल सेल्फ गवर्नमेंट और नगर निगम की ओर से आयोजित ‘संवाद’ को संबोधित कर रहे थे। शहरी विकास मंत्रालय संभालने के बाद पहली बार वाराणसी आए तोमर ने संवाद के दौरान बनारस के आधारभूत ढांचे, नमामि गंगे और स्वच्छता अभियान पर फोकस किया।
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उन्होंने कहा कि वाराणसी को 2018 तक ओडीएफ घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने नोटबंदी और जीएसटी जैसे बड़े फैसलों को लागू किया और उसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
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तीन सत्रों में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के विधि, न्याय, युवा एवं खेल राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन 17 सितंबर तक बनारस को कचरा मुक्त बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। अध्यक्षता बीएचयू के कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने की।
उन्होंने कहा कि बनारस के विकास को यहां की संस्कृति से अलग करके नहीं देखा जा सकता। महापौर रामगोपाल मोहले ने कहा कि गांधी जी ने दो नारे लगाए थे पहला क्विट इंडिया और दूसरा क्लीन इंडिया। पहला तो पूर्ण हो चुका है लेकिन दूसरा अभी बाकी है।
सीनियर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रवि रंजन गुरु ने कहा कि बनारस अनोखा शहर है। यहां के लोग अपनी संस्कृति और धरोहरों को लेकर चिंतित हैं। बनारस आधुनिकता और परंपरा के बीच फंसा हुआ है और इसका समाधान हमें ढूंढना होगा।
प्रोफेसर यूके चौधरी ने कहा कि गंगा बीमार है और उसे इलाज चाहिए। गंगा सिकुड़ रही हैं, सिमट रहीं हैं और समय रहते हम नहीं जागे तो बहुत देर हो जाएगी। प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने कहा कि बनारस के विकास की योजना लखनऊ में नहीं बनाई जा सकती है। उसकी नीति बनारस में ही बनानी होगी।
पुराने इन्फ्रास्ट्रक्चर की वजह से दुर्घटनाएं
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर
- फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि गोरखपुर के बीआरडी कॉलेज में बच्चों की मौत की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदेश सरकार इस मामले में कार्रवाई कर रही है। गंदगी की वजह से ही रोग फैलते हैं। ट्रेन दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति पुराने इन्फ्रास्ट्रक्चर की वजह से होती है। केंद्र सरकार इस दिशा में सुधार के लिए कार्य कर रही है। जल्द ही इसके बेहतर नतीजे सामने आएंगे।