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सेंट्रल बार की कार्यकारिणी बर्खास्त, पदाधिकारियों के नोंचे गए नेम प्लेट

Fri, 03 Dec 2021 12:42 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 03 Dec 2021 12:42 AM IST
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Central bar executive sacked, name plates drawn by office bearers
सेंट्रल बार एसोसिएशन सभागार में बृहस्पतिवार को एक अभूतपूर्व घटनाक्रम के तहत सेंट्रल बार के अध्यक्ष, महामंत्री समेत पूरी कार्यकारिणी को आमसभा की बैठक में बर्खास्त कर दिया गया। इसी के साथ वार्षिक चुनाव पर काले बादल मंडराने लगे हैं। उधर, सेंट्रल बार अध्यक्ष अशोक कुमार उपाध्याय ने साधारण सभा के निर्णय को अवैधानिक करार देते हुए संबंधित लोगों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के साथ नोटिस देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कुछ समय के लिए बार का सभागार कब्जे में कर लिया गया। लाइब्रेरी को बंद कर दिया गया। पदाधिकारियों के नेम प्लेट नोंच दिए गए, जो बर्दाश्त योग्य नहीं है और अराजकतत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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सेंट्रल बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी ने उपाध्यक्ष 10 वर्ष से ऊपर के दो पद और 10 वर्ष के नीचे के दो पदों को कार्यकारिणी के निर्णय के बाद समाप्त कर दिया था और बार की सीढ़ी तोड़ दी गई थी। इसके खिलाफ सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री अवधेश कुमार सिंह मंगलवार से धरने पर बैठे थे। धरनारत अवधेश सिंह ने सेंट्रल बार पदाधिकारियों के निर्णय को अवैधानिक बताते हुए चेतावनी दी कि उनकी मांगें यथावत हैं। बृहस्पतिवार शाम तक भूख हड़ताल तक पानी पियूंगा फिर जल भी त्याग दूंगा। उधर साधारण सभा के बैठक की अध्यक्षता करने वाले पूर्व अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान पदाधिकारी मनमाने तरीके से बार के संविधान के खिलाफ निर्णय ले रहे थे। जबकि मॉडल बायलॉज यूपी बार कौंसिल ने लागू किया है, बिना साधारण सभा के चार पद समाप्त कर दिए गए। इसके खिलाफ साधारण सभा के लगभग पांच सौ अधिवक्ताओं की मौजूदगी में अविश्वास प्रस्ताव पारित कर पूरी कार्यकारिणी बर्खास्त की गई। शुक्रवार को पूर्व अध्यक्षों की बैठक बुलाई गई है, जिसमें चुनाव कराने पर निर्णय लिया जाएगा। वहीं कुछ वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने बृहस्पतिवार को पारित प्रस्ताव और सेंट्रल बार कार्यकारिणी के निर्णय को अवैधानिक और बार की गरिमा के खिलाफ बताया है। सेंट्रल बार अध्यक्ष ने यह भी कहा कि धरना दे रहे अधिवक्ता की सदस्यता निलंबित है और साधारण सभा के संचालन करने वाले अंशुमान दूबे मतदाता नहीं है। साथ ही वार्षिक चुनाव के लिए मतदान की तिथि 23 दिसंबर और मतगणना 24 दिसंबर में कराने की जानकारी भी दी। इसके पहले सेंट्रल बार में गांधी प्रतिमा के समक्ष अनशन चलता रहा और बार सभागार में आम सदस्यों की मीटिंग भी चली।
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