फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Cases of negligence in mid-day meal are not stopping

मध्याह्न भोजन में लापरवाही के मामले थम नहीं रहे

Mon, 20 Sep 2021 01:26 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 20 Sep 2021 01:26 AM IST
विज्ञापन
Cases of negligence in mid-day meal are not stopping
कभी एक किलो चावल में 32 बच्चों को खाना, कभी प्लेट से दूध गायब तो कभी फल, कभी बासी भोजन खाने से बच्चों के बीमार होने से लेकर मौत होने तक...। ये कुछ ऐसी घटनाएं है, जो परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन से जुड़ी हैं। वाराणसी जिले के प्राथमिक विद्यालय भी इन घटनाओं से अछूते नहीं है। मध्याह्न भोजन की बात हो या फिर कोरोना काल के बाद स्कूल खुलने पर स्वयंसेवी संगठनों के माध्यम से बच्चों तक खाना पहुंचाने का। हर दिन उसमें एक नई गड़बड़ी मिल रही है, लेकिन इसके बाद भी विभाग के अधिकारियों के कानों पर जू तक नहीं रेंग रही है। मध्याह्न भोजन में गड़बड़ी की वजह चाहे जो हो नतीजे बच्चों को ही झेलने पड़ते हैं। शिकायत होने पर विभाग के अधिकारी सिर्फ जांच कमेटी गठित कर भूल जाते हैं। जांच पर जांच चलती है, लेकिन रिपोर्ट नहीं आ पाती।
विज्ञापन

कब आया कौन का मामला
4 सितंबर 2021 - प्राथमिक विद्यालय ककरमत्ता में बच्चों को बदबूदार चावल और आलू, सोयाबीन की सब्जी परोसी गई थी। जिसे बच्चों ने खाने से इनकार कर दिया था। वहीं, इसी दिन बीएसए की उपस्थिति के दौरान खराब गुणवत्ता का खाना बच्चों को परोसा गया था। बीएसए ने जांच टीम भी गठित की थी। अब तक जांच चल रही है।
विज्ञापन

9 सितंबर 2021- काशी विद्यापीठ के पहाड़ी ग्राम सभा के प्राइमरी स्कूल में बच्चों को मेन्यू में दाल रोटी की जगह दाल और नान परोसा गया था। अखिल भारत हिंदू महासभा ने इसकी शिकायत बीएसए व मंडुवाडीह थानाध्यक्ष से की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

15 सितंबर 2021- जिले के नगर क्षेत्र के कई विद्यालयों में इस दिन बच्चों को मेन्यू के अनुसार तहरी तो भेजी गई थी, लेकिन दूध के लिए जब स्वयंसेवी संगठन से मांग की गई तो असमर्थता जताई थी। इस मामले की भी शिकायत बीएसए की गई है, जिसकी जांच चल रही है।
16 सितंबर 2021- कई विद्यालयों में मेन्यू में दाल रोटी की बजाय बदबूदार चावल और दाल परोसी गई थी। जिसकी वजह से दो विद्यालयों के 157 बच्चे बिना खाए घर चले गए थे।
4 मार्च 2020- चोलापुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नियार में तीन दिन से छात्रों को मध्याह्न भोजन नहीं दिया जा रहा था। जब इसकी शिकायत बेसिक शिक्षा अधिकारी से की गई तो विभाग में हड़कंप मच गया। शिकायत पर बीईओ ने निरीक्षण कर प्रधानाध्यापक को विद्यालय से हटा दिया था।
22 अक्तूबर 2019- सेवापुरी ब्लॉक के प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय तेंदुई में हैंडपंप में गंदा पानी आने के कारण मिड डे मील नहीं बना। इसके चलते करीब 200 बच्चों को बिना भोजन के रहना पड़ा था। जिसकी शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी व बीडीओ से हुई थी।

वर्जन
मामला संज्ञान में आया है। स्कूल जाकर भोजन की गुणवत्ता जांचेंगे। बच्चों से भी गुणवत्ता व रुचि के बारे में पूछेंगे। जो भी फीडबैक आएगा उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। दाल, रोटी व दूध को लेकर जो शिकायत है, उनके लिए विद्यालय में बने मां समूह के सदस्यों को निर्देशित किया जाएगा। -राकेश सिंह, बीएसए
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed