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Varanasi News: डिजिटल अरेस्ट से जुड़ा मामला, मोबाइल और बैंक अकाउंट नंबर की मदद से साइबर ठगी की जांच शुरू
Tue, 13 May 2025 11:54 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Tue, 13 May 2025 11:54 PM IST
सार
पटना हाईकोर्ट के रिटायर्ड असिस्टेंट रजिस्ट्रार को दो दिन डिजिटल अरेस्ट कर 49 लाख रुपये की ठगी के मामले में साइबर क्राइम थाने ने जांच शुरू कर दी है और दावा किया जा रहा है कि आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द होगी।
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साइबर ठगी (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
सीबीआई के आईपीएस और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति संजीव खन्ना का हवाला देकर डिजिटल अरेस्ट कर 49 लाख 40 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामले की जांच साइबर क्राइम थाने की पुलिस शुरू कर दी है।
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साइबर ठगों द्वारा इस्तेमाल किए मोबाइल नंबरों और बैंक अकाउंट नंबरों की मदद से पुलिस साइबर ठगों का डिजिटल फुट प्रिंट तैयार कर रही है। पुलिस का कहना है कि प्रयास किया जा रहा है कि पैसा होल्ड करा कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
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पटना हाईकोर्ट के रिटायर्ड असिस्टेंट रजिस्ट्रार सुभाष चंद्रा महमूरगंज क्षेत्र के आदर्श नगर, शिवाजी नगर में रहते हैं। साइबर ठग ने खुद को ट्राई से बताते हुए उन्हें गत छह मई को फोन किया। इसके बाद खुद को सीबीआई का आईपीएस अफसर बताते हुए एक साइबर ठग ने उन्हें वीडियो कॉल की।
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उसने कहा कि तीन जनवरी 2025 को आपके नाम से मुंबई से एक सिम लिया गया है और एक खाता केनरा बैंक में खोला गया है। सिम का दुरुपयोग किया जा रहा है। फिर बताया कि जेट एयरवेज के नरेश गोयल ने आपको कमीशन दिया है। इसके बाद साइबर ठगों ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति संजीव खन्ना का नाम लेकर धमकाया।
इसके बाद अकाउंट वेरिफिकेशन की बात करते हुए बैंक खातों से सारा पैसा ट्रांसफर करने को कहा। वह इतने भयभीत थे कि उन्होंने 49 लाख 40 हजार रुपये साइबर ठग के बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिया। वह ठगों के चंगुल में छह मई की सुबह से सात मई तक रहे।
बाद में इस संबंध में जब उन्होंने अपने परिचितों से बात की तो पता लगा कि वह साइबर फ्रॉड का शिकार हुए हैं। इस संबंध में एडीसीपी काशी जोन / क्राइम सरवणन टी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। डिजिटल फुटप्रिंट तैयार कर सर्विलांस की मदद से साइबर ठगों तक पहुंचने का पुलिस प्रयास कर रही है।