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मिर्जापुरः स्कूल में छात्रा की मौत के मामले में बीएसए सहित तीन पर मुकदमा दर्ज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Wed, 22 Aug 2018 10:22 AM IST
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अस्पताल में भर्ती छात्राएं
- फोटो : file photo
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मिर्जापुर जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बहुआर की छात्रा नैना की मौत मामले में पुलिस ने सोमवार देर रात बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी, वार्डेन मधुरानी दूबे और जिला समन्वयक बालिका शिक्षा रमेश राय के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। छात्रा के पिता पिड़खिर निवासी चंद्रशेखर ने आरोप लगाया है कि इनकी लापरवाही से उसकी पुत्री की मौत हुई है।
पढ़ें: मिर्जापुरः कस्तूरबा विद्यालय में खाना खाने के बाद छात्रा की मौत, परिजनों ने सीएचसी पर किया हंगामा
जमालपुर थाने में सोमवार को तहरीर देकर चंद्रशेखर ने बताया था कि उसकी बेटी नैना (12) आवासीय विद्यालय में कक्षा सात की छात्रा थी। 18 अगस्त की शाम गांव के लोगों से सूचना मिली कि नैना की विद्यालय में बीमारी के चलते मौत हो गई। एक महीने पहले जमालपुर के सहायक सांख्यिकी अधिकारी प्रमोद कुमार शर्मा के विद्यालय के निरीक्षण के दौरान सूखे नारियल में कीड़े मिले थे।
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मामले में खाद्य सामग्री की जांच कर रिपोर्ट बीएसए तथा जिला समन्वयक बालिका शिक्षा रमेश को दी गई थी। अगर उस समय कार्रवाई हुई होती तो पुत्री की जान नहीं जाती। घटिया भोजन खिलाना, समय से छात्राओं का इलाज न कराना, घरवालों को सूचना न देना उनकी घोर लापरवाही है।
गौरतलब है कि अमर उजाला ने 20 अगस्त को ‘चेत गए होते तो बच जाती नैना की जान’ शीर्षक से इससे संबंधित खबर प्रकाशित की थी। एसपी आशीष तिवारी ने मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि की है। कहा कि जांच के बाद पता चलेगा कि दोषी कौन है।
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जमालपुर थाने में सोमवार को तहरीर देकर चंद्रशेखर ने बताया था कि उसकी बेटी नैना (12) आवासीय विद्यालय में कक्षा सात की छात्रा थी। 18 अगस्त की शाम गांव के लोगों से सूचना मिली कि नैना की विद्यालय में बीमारी के चलते मौत हो गई। एक महीने पहले जमालपुर के सहायक सांख्यिकी अधिकारी प्रमोद कुमार शर्मा के विद्यालय के निरीक्षण के दौरान सूखे नारियल में कीड़े मिले थे।
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मामले में खाद्य सामग्री की जांच कर रिपोर्ट बीएसए तथा जिला समन्वयक बालिका शिक्षा रमेश को दी गई थी। अगर उस समय कार्रवाई हुई होती तो पुत्री की जान नहीं जाती। घटिया भोजन खिलाना, समय से छात्राओं का इलाज न कराना, घरवालों को सूचना न देना उनकी घोर लापरवाही है।
गौरतलब है कि अमर उजाला ने 20 अगस्त को ‘चेत गए होते तो बच जाती नैना की जान’ शीर्षक से इससे संबंधित खबर प्रकाशित की थी। एसपी आशीष तिवारी ने मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि की है। कहा कि जांच के बाद पता चलेगा कि दोषी कौन है।