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अब नहीं लगाना होगा पुलिस थाने का चक्कर, इस ऐप से दर्ज कराएं मुकदमा
Wed, 09 Jan 2019 10:41 AM IST
shashikant misra
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Published by: shashikant misra
Updated Wed, 09 Jan 2019 10:41 AM IST
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चोरी हुए वाहन का मुकदमा दर्ज कराना हो, चरित्र प्रमाण पत्र बनवाना हो या फिर किरायेदार व कर्मचारी का सत्यापन कराना हो...। अब इसके लिए थाने का चक्कर नहीं लगाना होगा बल्कि गूगल प्ले स्टोर से एक ऐप मोबाइल पर डाउनलोड कर ये सारे काम आसानी से घर बैठे किए जा सकते हैं।
गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध UPCOP ऐप में ई-एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही एफआईआर का विवरण देखा जा सकता है। इसके अलावा इस ऐप में नजदीकी पुलिस स्टेशन के संबंध में पूरी जानकारी मौजूद है।
साथ ही इस ऐप से दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र की जानकारी, खोये हुए सामान या वाहन की सूचना, चरित्र प्रमाण पत्र, कर्मचारी सत्यापन, किरायेदार सत्यापन, धरना-प्रदर्शन की अनुमति, कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति, फिल्म शूटिंग की अनुमति, दुर्व्यवहार की शिकायत, गुमशुदगी की सूचना, अज्ञात शव की सूचना, इनामी अपराधियों की सूची और साइबर क्राइम से जागरूकता संबंधी विकल्प उपलब्ध हैं।
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ऐप में दिव्यांग और बुजुर्गों की मदद के अलावा इस ऐप में 100, 101, 108, 1090, 1098 और जीआरपी हेल्पलाइन पर सीधे कॉल करने के लिए भी विकल्प मौजूद है। इस ऐप को इस्तेमाल करने के लिए गूगल प्ले स्टोर से इसे डाउनलोड कर अपने ई-मेल और मोबाइल नंबर की मदद से खुद का पंजीयन कराना होगा।
इसके बाद जाकर इसे इस्तेमाल किया जा सकेगा। फिलहाल ऐप शुरुआती दौर में है और सामने आ रही खामियों को दुरुस्त करने के लिए यूपी पुलिस ने आमजन से फीडबैक भी मांगा है।
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गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध UPCOP ऐप में ई-एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही एफआईआर का विवरण देखा जा सकता है। इसके अलावा इस ऐप में नजदीकी पुलिस स्टेशन के संबंध में पूरी जानकारी मौजूद है।
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साथ ही इस ऐप से दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र की जानकारी, खोये हुए सामान या वाहन की सूचना, चरित्र प्रमाण पत्र, कर्मचारी सत्यापन, किरायेदार सत्यापन, धरना-प्रदर्शन की अनुमति, कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति, फिल्म शूटिंग की अनुमति, दुर्व्यवहार की शिकायत, गुमशुदगी की सूचना, अज्ञात शव की सूचना, इनामी अपराधियों की सूची और साइबर क्राइम से जागरूकता संबंधी विकल्प उपलब्ध हैं।
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इसके बाद जाकर इसे इस्तेमाल किया जा सकेगा। फिलहाल ऐप शुरुआती दौर में है और सामने आ रही खामियों को दुरुस्त करने के लिए यूपी पुलिस ने आमजन से फीडबैक भी मांगा है।