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UP: गंगा में बिरयानी के अवशेष फेंकने का मामला, जवाब दाखिल करने के लिए सरकार ने मांगा समय; इस दिन होगी सुनवाई

Sat, 18 Apr 2026 05:36 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sat, 18 Apr 2026 05:36 AM IST
सार

Varanasi News: वाराणसी में गंगा में नाव पर इफ्तार और अवशेष फेंकने के मामले में आरोपियों की जमानत अर्जी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा। अगली सुनवाई 24 अप्रैल तय हुई। ट्रायल कोर्ट पहले ही जमानत खारिज कर चुका है, सभी आरोपी जेल में हैं।

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Case regarding dumping of biryani remains into Ganges Government seeks time to file response Hearing
गंगा में इफ्तार पार्टी करने वाले आरोपी युवक। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Varanasi News: वाराणसी में गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी करने और बिरयानी के अवशेष नदी में फेंकने के मामले में आरोपियों की जमानत अर्जी पर शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकलपीठ ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए समय देते हुए अगली सुनवाई की तिथि 24 अप्रैल नियत कर दी।

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मामला 16 मार्च 2026 का है, जब रमजान के दौरान पंचगंगा घाट के पास गंगा नदी में नाव पर बैठकर इफ्तार पार्टी करने और बिरयानी के अवशेष गंगा में फेंकने का आरोप लगा था। इस संबंध में कोतवाली थाने में भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष रजत जायसवाल की तहरीर पर दानिश सैफी, आमिर कैफी, नूर इस्लाम सहित अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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पुलिस कार्रवाई के दौरान कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने नाव चालक को कथित रूप से धमकाकर गंगा में नाव ले जाने के लिए मजबूर किया था। इसी आधार पर पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(5) भी बढ़ा दी।

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मामले की विवेचना जारी

गिरफ्तारी के बाद आरोपियों ने वाराणसी की निचली अदालत में जमानत के लिए आवेदन किया था, लेकिन एक अप्रैल को अपर सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार की अदालत ने सभी की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद आरोपियों ने हाईकोर्ट का रुख किया।

दूसरे पक्ष में आजाद, अली, मोहम्मद तहसीम, निहाल अफरीदी, मोहम्मद तौसीफ अहमद और मोहम्मद अनस समेत अन्य आरोपियों ने भी जमानत के लिए हाईकोर्ट में अलग से अर्जी दाखिल की है। इन सभी मामलों पर न्यायालय में क्रमवार सुनवाई चल रही है।

सरकारी पक्ष की ओर से जवाब दाखिल किए जाने के बाद अगली सुनवाई में मामले के तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर जमानत पर निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की विवेचना जारी है।

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