पूर्व प्रधान की मौत का मामला : घर के बाहर सन्नाटा, अंतिम संस्कार में नहीं गए ग्रामीण; CMO बोले- अफवाह से बचें
वाराणसी के ढाका गांव के पूर्व प्रधान की बीएचयू में इलाज के दाैरान माैत हो गई थी। दूसरी तरफ उनके गांव में अफवाहों का बाजार गर्म थी। लोग प्लेग और एचएमपी वायरस की चर्चा कर रहे थे। सीएमओ ने लोगों को अफवाह से बचने की सलाह दी है।
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ढाका के पूर्व प्रधान दीनानाथ पांडेय (75) की मौत के बाद भी ग्रामीण दहशतजदा हैं। दीनानाथ का निधन गुरुवार रात हुआ था, लेकिन ज्यादातर ग्रामीण उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने मणिकर्णिका घाट नहीं गए। परिजनों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया। शनिवार को भी पूर्व प्रधान के घर के बाहर सन्नाटा रहा। उधर, सीएमओ ने लोगों को अफवाह से बचने की सलाह दी है।
पूर्व प्रधान की मौत के बाद ढाका गांव के लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि जब पूर्व प्रधान को कोई गंभीर समस्या नहीं थी तो डीएम, सीएमओ सहित तमाम अधिकारी गांव क्यों आए? सामान्य बीमारी पर अफसर नहीं आते हैं।
इसका जवाब ग्रामीणों को चाहिए ताकि बचाव के बेहतर उपाय किए जा सकें। गुरुवार को सफाई भी कराई गई थी, लेकिन शुक्रवार और शनिवार को कुछ नहीं हुआ। गंदगी जहां की तहां पड़ी है।
सीएमओ ने शासन को भेजी रिपोर्ट, बोले- एमएमपीवी व प्लेट जैसी कोई बात नहीं
सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि पूर्व प्रधान की मौत मामले की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई। दीनानाथ पांडेय को ढाई साल से हाइड्रोकप्लस की समस्या थी। इससे संबंधित मरीज के सिर में फ्लूड यानी पानी भर जाता है।
बीएचयू के डॉक्टरों से भी संपर्क किया गया तो उन्होंने मौत की वजह न्यूरोलॉजिकल बताई है। स्थानीय स्तर पर जिला प्रशासन और शासन को पूरी रिपोर्ट दी जा चुकी है। एचएमपी वायरस और प्लेग से संक्रमित होने जैसी कोई बात ही नहीं है। मृतक के परिजनों से भी बात हो गई है।