Varanasi: बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में उत्पात मचाने के आरोप में आठ पर मुकदमा, एक दिन पहले हुआ था भारी हंगामा
बीएचयू टॉमा सेंटर में गुरुवार को तीन बाहरी लोग मरीजों को बाहर से एक्स-रे कराने और दवा लेने के लिए कह रहे थे। तीनों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया गया था। जिसके बाद 10 से 15 लोग ट्रॉमा सेंटर में गालीगलौज और नारेबाजी करते हुए घुसे थे।
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के ट्रॉमा सेंटर में उत्पात मचाने के आरोप में आठ नामजद सहित अन्य अज्ञात के खिलाफ लंका थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई ट्रॉमा सेंटर के सुरक्षा पर्यवेक्षक शिव शंकर सिंह यादव की तहरीर के आधार पर हुई है। लंका थाने की पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षा पर्यवेक्षक के मुताबिक, गत गुरुवार को रूटीन चेकिंग के दौरान ट्रॉमा सेंटर के कक्षा संख्या छह और सात में मरीजों के अलावा गोविंद, अमित यादव और आनंद मिले। तीनों बाहरी लोग न मरीज लेकर आए थे और न मेडिकल संबंधी कामकाज से उनका कोई लेना-देना था।
10 से 15 लोगों ने मचाया था उत्पात
तीनों मरीजों को बाहर से एक्स-रे व एमआरआई कराने और दवा लेने के लिए कह रहे थे। तीनों से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि हम लोग प्रत्येक गुरुवार को आते हैं। जब तक ओपीडी चलती है, तब तक कुछ डॉक्टरों के साथ रहते हैं। तीनों को पकड़कर नगवा चौकी की पुलिस को सौंप दिया गया।
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लगभग डेढ़ घंटे बाद 10 से 15 लोग ट्रॉमा सेंटर में गालीगलौज और नारेबाजी करते हुए घुसे। इनमें अजीत यादव, शशांक यादव, अनिल यादव, हिमांशु और रंजीत यादव की पहचान हुई है। यह सभी 10 से 15 लोग ट्रॉमा सेंटर में उत्पात मचाते हुए मरीजों के बीच भय का माहौल बना दिए।
जान से मारने की धमकी दी। पुलिस के आने की भनक लगने पर सभी भाग निकले। इस संबंध में लंका थाना प्रभारी ने बताया कि आठ नामजद और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
मिर्जापुर के युवक का था विश्व सुंदरी पुल के नीचे मिला शव
विश्व सुंदरी पुल के नीचे गंगा में मिले शव की पहचान शुक्रवार को मिर्जापुर जिले के अहरौरा थाना के बाराडीह गांव निवासी पुनीत विश्वकर्मा (18) के रूप में हुई। पहचान होने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया। बाराडीह निवासी कन्हैया लाल विश्वकर्मा रिश्तेदारों के साथ शुक्रवार को मोर्चरी हाउस पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनका बेटा बीते 24 अप्रैल की शाम घर से कोचिंग गया था। उसके बाद वापस घर नहीं आया। काफी खोजबीन करने के बाद भी उसका कहीं पता नहीं लगा। 25 अप्रैल को पुनीत की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।