फर्जी कागजात वाले 10 शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज, सभी शिक्षकों की सेवाएं पहले ही की जा चुकी हैं समाप्त
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिर्जापुर जिले में फर्जी डिग्री पर शिक्षक की नौकरी करने वाले 10 आरोपियों के खिलाफ बृहस्पतिवार को मुकदमा दर्ज कराया गया। विभिन्न विकास खंडों में संबंधित खंड शिक्षाधिकारी ने केस कराया। इन सभी शिक्षकों की सेवाएं पहले ही समाप्त की जा चुकी हैं।
वर्ष 2010 में इन 10 शिक्षकों ने फर्जी कागजात लगाकर नौकरी प्राप्त की थी। इन्होंने आगरा के डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की बीएड की डिग्री लगाई थी, जो कूटरचित निकली। उप शिक्षा निदेशक की जांच में यह खुलासा हुआ था। बृहस्पतिवार को इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इनसे वेतन की रिकवरी का भी प्रयास हो रहा है। जमालपुर क्षेत्र में दो अध्यापिकाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
इसमें प्राथमिक विद्यालय मठना की रामदुलारी देवी और प्राथमिक विद्यालय पिडिखिर की मालती सिंह हैं। खंड शिक्षा अधिकारी प्रदीप सिंह ने बताया कि दोनों पर केस जमालपुर थाने में दर्ज हुआ है। सीखड़ के प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका अर्चना देवी पर मुकदमा दर्ज कराया गया। कछवां क्षेत्र के केवटाबीर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय के अध्यापक उमेशचंद्र के खिलाफ कछवां थाने में केस दर्ज हुआ है।
कोटवा घीसाराम गांव निवासी दिव्या सिंह व रितु सिंह ने दस वर्ष पूर्व आगरा स्थित डाक्टर भीमराव अंबेडकर विवि से बीएड डिग्री ली थी, जो फर्जी पाई गई। बीईओ राममिलन यादव ने कन्या कर्मोत्तर जमुई में नियुक्त रितु सिंह व प्रदीप कुमार ने लहास में नियुक्त दिव्या सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
सभी शिक्षकों की बर्खास्तगी के साथ ही प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। बृहस्पतिवार को प्राथमिकी दर्ज हुई। शासन के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वीरेंद्र कुमार सिंह, बीएसए।