पीएम मोदी ने दिखाई थी हरी झंडीः गांधी नगर से वाराणसी पहुंची कैपिटल एक्सप्रेस, पहले फेरे में ही ट्रेन की अधिकतर सीटें फुल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ट्रेन को वर्चुअल हरी झंडी दिखाकर शुक्रवार शाम गांधीनगर स्टेशन से रवाना किया गया था। यह साप्ताहिक ट्रेन 21 जुलाई से यात्रियों को लेकर गांधीनगर के लिए पहली बार रवाना होगी। रवाना होने से पहले ही ट्रेन की अधिकतर सीटें फुल हो गई हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गुजरात के गांधी नगर से चली नई ट्रेन (09468) कैपिटल एक्सप्रेस शनिवार शाम कैंट रेलवे स्टेशन पर पहुंची। इस दौरान ट्रेन में सिर्फ रेल अधिकारी और कर्मचारी ही सवार रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ट्रेन को वर्चुअल हरी झंडी दिखाकर शुक्रवार शाम गांधीनगर स्टेशन से रवाना किया गया था। ठीक शाम पांच बजकर 40 मिनट पर ट्रेन प्लेटफार्म नंबर पांच पर पहुंची। तुरंत ट्रेन को वाशिंग लाइन में भेज दिया गया।
यह 22467/22468 साप्ताहिक ट्रेन 21 जुलाई से यात्रियों को लेकर गांधीनगर के लिए पहली बार रवाना होगी। हालांकि गुजरात रवाना होने से पहले ही ट्रेन की अधिकतर सीटें फुल हो गई हैं। स्लीपर में जगह नहीं है। टूएस-कोच और एसी कोच में सीट अभी खाली है।
रेल अधिकारियों के अनुसार, वाराणसी-गुजरात के बीच साप्ताहिक ट्रेन के संचालन से कामगारों, व्यापारियों को सहूलियत होगी। धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। क्योंकि गुजरात स्थित सोमनाथ और उज्जैन स्थित महालेश्वर मंदिर और काशी में बाबा विश्वनाथ मंदिर है।
कैंट स्टेशन निदेशक आनंद मोहन ने बताया कि गांधीनगर से शाम को ट्रेन पहुंची। ट्रेन में एसी फर्स्ट का एक, एसी टू के दो, एसी थ्री के तीन, स्लीपर के चार, सामान्य श्रेणी के चार, एसएलआर डी और एसएलआर श्रेणी का एक-एक कोच समेत कुल 16 कोच लगाए जाएंगे।
22 से लखनऊ जाना होगा आसान
रेल यात्रियों की सुविधा के लिए स्वराज संस्था सचिव विकास चंद्र तिवारी ने केंद्रीय रेल मंत्री से बिहार को जोड़ने वाली पवन, लिच्छवी, स्वतंत्रता सेनानी ट्रेन का ठहराव बनारस स्टेशन पर करने कर मांग की।
तेजस के रैक से वाराणसी आई वंदे भारत एक्सप्रेस
वंदे भारत एक्सप्रेस शनिवार को नई दिल्ली से तेजस रैक से कैंट रेलवे स्टेशन पर पहुंची। शुक्रवार शाम प्रयागराज के बिंदकी रोड स्टेशन के पास कोच में धुआं उठने के बाद ट्रेेन डेढ़ घंटे तक खड़ी रही और वहीं लगभग ढाई घंटे की देरी से ट्रेन नई दिल्ली स्टेशन पहुंची।
इसके बाद रेल अधिकारियों ने कोच की मरम्मत के लिए तेजस का रैक वंदे भारत एक्सप्रेस में जोड़कर नई दिल्ली से वाराणसी के लिए रवाना किया। रेल अधिकारियों के अनुसार रविवार से वंदे भारत एक्सप्रेस के रैक से ही ट्रेन कैंट से चलेगी।