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बड़ा संकट: कैंसर मरीजों की दवाओं का संकट, बाजार में स्टॉक भी कम; रॉ मैटेरियल महंगा होने से बढ़ी परेशानी

Tue, 14 Jul 2026 05:52 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Tue, 14 Jul 2026 05:52 PM IST
सार

Varanasi News: वाराणसी के अस्पतालों में कैंसर मरीजों के उपचार में दवाओं का संकट खड़ा हो गया है। दवा कारोबारियों के अनुसार सिसप्लेटिन, कार्बोप्लेटिन का रॉ मैटेरियल महंगा होने की वजह से निर्माण कंपनियों से आने वाली दवाओं की कमी हो गई हैं।

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cancer medications Crisis regarding low stock in market at Varanasi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कैंसर मरीजों के उपचार में दवाओं का संकट खड़ा हो गया है। बीएचयू अस्पताल से लेकर महामना कैंसर संस्थान, निजी अस्पतालों में आने वाले कैंसर मरीजों को डॉक्टर दवाएं तो लिख रहे हैं लेकिन सिसप्लेटिन, कार्बोप्लेटिन आधारित दवाएं समय ने मिल नहीं पा रही हैं। दवा मंडी से लेकर कैंसर की दवा की बिक्री करने वाले मेडिकल स्टोर पर भी इसकी कमी बनी है। इस कारण मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 

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सप्तसागर दवा मंडी में पांच बड़े दुकानदार ऐसे हैं, जहां से वाराणसी सहित आसपास के जिलों में फुटकर विक्रेता कैंसर की दवाएं लेकर जाते हैं। दवा मंडी में भी थोक विक्रेताओं को समय से दवाओं की आपूर्ति नहीं हो पा रही हैं। दवा कारोबारियों के अनुसार सिसप्लेटिन, कार्बोप्लेटिन का रॉ मैटेरियल महंगा होने की वजह से निर्माण कंपनियों से आने वाली दवाओं की कमी हो गई हैं।

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केस-1
देवरिया निवासी रविशंकर महामना कैंसर संस्थान में 15 दिन से भर्ती हैं। इनको फेफड़े में कैंसर की पुष्टि हुई है। इलाज चल रहा है। परिजनों का कहना है डॉक्टर ने कीमोथेरेपी में इस्तेमाल होने वाली दवा सिसप्लेटिन लिखी थी। कई दुकानों के चक्कर लगाने के बाद लंका में एक दुकान पर किसी तरह मिली। लेकिन, वहां भी दुकानदार ने इसके शॉर्टेज की बात कही।

केस-2
जौनपुर निवासी 54 वर्षीय महिला को कैंसर की पुष्टि 20 दिन पहले हुई। पहले उन्होंने बीएचयू में डॉक्टर को दिखाया। इसके बाद कैंसर संस्थान चली आईं। यहां उपचार करवा रही हैं। महिला के अनुसार परिवार के सदस्य कार्बोप्लेटिन लेने बाजार गए तो वहां बहुत कम स्टॉक की जानकारी मिली। किसी तरह कीमोथेरेपी के लिए दवाई मिल सकी।
 

कैंसर के मरीजों को नियमित रूप से दवाओं की आवश्यकता होती है। इस वजह से दवाओं का स्टॉक का बने रहना जरूरी है। इसकी कमी उनके इलाज में देरी का कारण बन रही है। सिसप्लेटिन और कार्बोप्लेटिन कैंसर मरीजों के उपचार में प्रयोग होने वाली प्रमुख दवाएं हैं। -प्रो. सुनील चौधरी, रेडियोथेरेपी विभाग, बीएचयू
 
बाजार में सिसप्लेटिन, कार्बोप्लेटिन आधारित दवाओं की कमी की समस्या बनी है। दवा निर्माता कंपनियों का कहना है कि रॉ मैटेरियल नहीं मिल पा रहा है क्योंकि रॉ मैटेरियल महंगे हो गए हैं। सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग राष्ट्रीय स्तर पर दवा विक्रेताओं ने की है। -संजय कुमार सिंह, महामंत्री, दवा विक्रेता समिति

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