पूर्वांचल में सीएए को लेकर हुई थी आगजनी, उपद्रवियों के पोस्टर भी लगाए गए, जानें अब क्या हुआ
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वाराणसी में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में तीन बार प्रदर्शन और दो बार पुलिस पर पथराव हुआ था। कहीं तोड़फोड़ और आगजनी नहीं हुई थी। भेलूपुर और चौक थाने में दर्ज मुकदमे में वांछित और पुरस्कार घोषित आरोपियों के पोस्टर शहर में चस्पा किए गए थे। सार्वजनिक संपत्ति का कहीं नुकसान नहीं हुआ था। इसलिए वसूली से संबंधित पोस्टर कहीं नहीं चस्पा किए गए थे।
मऊ में 16 दिसंबर 2019 को सीएए को लेकर हुए उपद्रव में 600 अज्ञात और 90 नामजद पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें 78 लोग गिरफ्तार किए गए थे। इसके बाद 145 उपद्रवियों की पहचान कर उनके बारे में जानकारी हासिल करने के लिए पोस्टर चस्पा किए गए थे।
इसके बाद 36 लोगों को नोटिस जारी कर कहा गया था कि इनसे वसूली की जाएगी। इनसे कितनी धनराशि की वसूली की जाएगी, इसके लिए कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी ने अभी तक रिपोर्ट नहीं दी है।
भदोही में 18 दिसंबर 2019 को सीएए के विरोध में उपद्रव हुआ था। इस मामले में 59 अज्ञात लोगों की शिनाख्त के लिए पोस्टर लगाए गए थे। 15 लोगों को नोटिस जारी कर पूछा गया कि क्यों न आपसे नुकसान की वसूली की जाए। छह लोगों ने कुछ पैसा जमा कर दिए हैं, जिसकी पक्की रसीद न देकर नोटिस के पीछे रिसीविंग दी गई है। इस मामले में तीन लोगों पर रासुका(राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, एनएसए) लगाया जा चुका है।