पुलिस ने बचाया: कारोबार में हुआ घाटा तो जान देने के लिए वाराणसी पहुंचा तेलंगाना का व्यापारी, गंगा में जल समाधि का था प्लान
तेलंगाना के वारंगल निवासी एक व्यक्ति को शराब कारोबार में 50 लाख घाटा हुआ। इस बात से झुब्ध होकर उसने जान देने की ठान ली। मोक्ष की प्राप्ति लिए गंगा में जल समाधी लेने के लिए वाराणसी पहुंच गया। हालांकि वह कुछ कर पाता उससे पहले पुलिस उस तक पहुंच गई।
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शराब कारोबार में 50 लाख घाटा होने से क्षुब्ध एक व्यापारी जान देने के लिए तेलंगाना से वाराणसी आ गया। वह गंगा में जमाधी लेने वाला था। हालांकि पुलिसकर्मियों की तत्परता से व्यापारी को बचा लिया गया। उसके परिजनों को सूचना दे दी गई है। तेलंगाना से व्यापारी के भाई सहित अन्य रिश्तेदार उसे लेने के लिए वाराणसी आए और लेकर रवाना हो गए।
जानकारी के मुताबिक, तेलंगाना के वारंगल जिले के कोत्थागट्टू आत्माकुर मंडल निवासी के. श्रीनिवास को शराब के ठेके के टेंडर में लगभग 50 लाख रुपए का घाटा हुआ था। इससे क्षुब्ध होकर बिना किसी से कुछ कहे वाराणसी आ गए। उसने ये सुना था कि काशी में मौत से मोक्ष की प्राप्ति होती है। पत्नी को फोन कर जान देने की बात कही।
परिजनों ने सोशल मीडिया से पुलिस से लगाई गुहार
17 दिसंबर को वाराणसी पहुंचे श्रीनिवास ने पत्नी को बता दिया था कि अब वह कभी घर नहीं आएगा। इस सूचना से घबराए परिजनों ने सोशल मीडिया के जरिए वाराणसी पुलिस गुहार लगाई। सूचना के बाद पुलिस हरकत में आई। कड़ी मशक्कत के बाद श्रीनिवास पांडेय हवेली क्षेत्र के रामतारक आश्रम में मिला।
आश्रम में फर्जी नाम और पते से लिया था कमरा
उसने आश्रम में अपना नाम और पता गलत बताकर एक कमरा लिया था। गंगा घाटों के किनारे वह घूम-घू कर मोक्ष के लिए उचित स्थान खोज रहा था। उसने तय किया था कि रविवार को वह गंगा में जल समाधि लेकर प्राण त्याग देगा। लेकिन इससे पहले ही शनिवार रात पुलिस उस तक पहुंच गई।
एसीपी दशाश्वमेध अवधेश कुमार पांडेय ने बताया कि सोशल मीडिया से के. श्रीनिवास के संबंध में मिली जानकारी के आधार पर उच्चाधिकारियों ने उनकी खोजबीन का निर्देश दिया। इसके बाद व्यापारी की काउंसिलिंग की गई। उसके भाई और रिश्तेदार उसे लेकर वारंगल रवाना हो गए।
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