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काशी में गरजा बुलडोजर: विरोध के बीच असि नदी पर अतिक्रमण कर बने आठ भवनों को तोड़ा, NGT के आदेश पर हुई कार्रवाई
Fri, 09 Feb 2024 05:14 PM IST
प्रगति चंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: प्रगति चंद
Updated Fri, 09 Feb 2024 05:14 PM IST
सार
वाराणसी में बुलडोजर एक्शन के बीच पार्षद के साथ ही आसपास के लोगों ने विरोध किया। निगम की टीम ने किसी तरह एनजीटी का आदेश दिखाते हुए असि नदी पर अतिक्रमण कर बने आठ भवनों को तोड़ने की कार्रवाई की।
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Varanasi News
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नगवां में विरोध के बीच असि नदी पर अतिक्रमण करने वाले आठ भवनों को बुलडोजर से गिरा दिया गया। अपर नगर आयुक्त राजीव कुमार राय के नेतृत्व में नगर निगम की टीम ने कार्रवाई की। इसी दौरान क्षेत्र के पार्षद और आसपास की जनता मौके पर जुट गई और विरोध करने लगी। हालांकि, अपर नगर आयुक्त ने सूझबूझ दिखाते हुए एनजीटी का आदेश दिखाया। साथ ही कहा कि अगर अवैध निर्माण नहीं तोड़ेंगे तो बड़ी कार्रवाई होगी। तब जाकर मामला शांत हुआ। अनुरोध करने पर नगर निगम ने कुछ लोगों को मोहलत भी दी।
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इससे पहले इंदिरा नगर में शौचालय को तोड़ा गया। फिर दो भवनों के ऊपरी हिस्से को तोड़ा। नीचे के हिस्से के लिए भवन स्वामी के अनुरोध पर दो दिन की मोहलत दी। इसके बाद नगर निगम की टीम ने सरायनंदन, रोहित नगर में कुल चार भवनों को तोड़ा। एक भवन की चहारदीवारी को ध्वस्त किया गया।
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टीम ने भदैनी क्षेत्र में एक भवन की दीवार तोड़ी। प्रभारी अधिकारी (राजस्व) अमित शुक्ला ने बताया कि यह कार्रवाई एनजीटी के आदेश पर हुई है। कार्रवाई में प्रवर्तन दल के प्रभारी कर्नल संदीप मिश्रा, क्षेत्रीय पुलिस का सहयोग लिया गया।
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विरोध के चलते रामनगर में नहीं चला बुलडोजर
पड़ाव रामनगर सड़क चौड़ीकरण अभियान के तहत सड़क काम चल रहा है। विरोध के चलते दूसरे दिन बुलडोजर को मोड़ दिया गया। कुछ लोगों की लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों के साथ बहस भी हुई। लोक निर्माण विभाग सड़क के मध्य से दोनों तरफ नौ-नौ मीटर को अपना बता रहा है। इस दायरे में निर्माण को वह अतिक्रमण मान रहा है। साथ ही मुआवजा देने से इंकार कर रहा है।