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बुद्ध सर्किट पर पर्यटन को मिलेगा प्रोत्साहन
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Updated Mon, 04 May 2015 01:51 AM IST
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बाबतपुर का लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा जून के अंत तक इलेक्ट्रानिक वीजा ऑन अराइवल (ई-वीजा) सुविधा से लैस होगा। इसे ई-टूरिस्ट वीजा नाम दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय से पिछले दिनों इसकी मंजूरी मिल चुकी है। बनारस के अलावा अहमदाबाद का सरदार वल्लभ भाई पटेल एयरपोर्ट पर भी यह सुविधा होगी। इन दोनों ही शहरों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गहरा रिश्ता है। मोदी संसद में बनारस का प्रतिनिधित्व करते हैं जबकि तीन बार गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और अहमदाबाद वहां की राजधानी है। ऐसे में दोनों एयरपोर्ट की सुविधाओं में विस्तार को मोदी से जोड़कर देखा जा रहा है।
वीजा ऑन अराइवल की सुविधा को बेहतर बनाए जाने से पर्यटन कारोबार बढ़ने की उम्मीद है। खासकर बुद्ध सर्किट पर आने वाले विदेशी सैलानियों को ई-टूरिस्ट वीजा हासिल करने में आसानी होगी। बाबतपुर बुद्ध सर्किट का सबसे प्रमुख हवाई अड्डा है। यहां से नेपाल और थाईलैंड के लिए सीधी उड़ान की सुविधा है। बुद्ध सर्किट के तहत पश्चिमी देशों के ज्यादातर सैलानी वाराणसी (सारनाथ), श्रावस्ती व कुशीनगर (गोरखपुर), बोध गया (बिहार), लुंबिनी (नेपाल) और थाईलैंड की यात्रा करते हैं। एयर कनेक्टिविटी तो बेहतर है मगर वीजा ऑन अराइवल न होने से दिक्कत आती थी। वीजा नियमों में बदलाव से पर्यटन कारोबारियों ने भी राहत की सांस ली है।
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वीजा ऑन अराइवल की सुविधा को बेहतर बनाए जाने से पर्यटन कारोबार बढ़ने की उम्मीद है। खासकर बुद्ध सर्किट पर आने वाले विदेशी सैलानियों को ई-टूरिस्ट वीजा हासिल करने में आसानी होगी। बाबतपुर बुद्ध सर्किट का सबसे प्रमुख हवाई अड्डा है। यहां से नेपाल और थाईलैंड के लिए सीधी उड़ान की सुविधा है। बुद्ध सर्किट के तहत पश्चिमी देशों के ज्यादातर सैलानी वाराणसी (सारनाथ), श्रावस्ती व कुशीनगर (गोरखपुर), बोध गया (बिहार), लुंबिनी (नेपाल) और थाईलैंड की यात्रा करते हैं। एयर कनेक्टिविटी तो बेहतर है मगर वीजा ऑन अराइवल न होने से दिक्कत आती थी। वीजा नियमों में बदलाव से पर्यटन कारोबारियों ने भी राहत की सांस ली है।
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