बसपा सांसद अतुल राय ने कोर्ट में लगाई गुहार, जेल में बताया अपनी जान को खतरा
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दुष्कर्म के मामले में डेढ़ महीने से ज्यादा समय से वांछित घोसी के बसपा सांसद अतुल राय ने 22 जून को वाराणसी की अदालत में समर्पण कर दिया था। जिसके बाद अतुल राय ने गुरुवार को अदालत में दो आवेदन दाखिल किए। जिसमें उन्होंने अपनी जान को खतरा बताया है।
दुष्कर्म के आरोप में 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजे गए घोसी के नवनिर्वाचित बसपा सांसद अतुल राय ने गुरुवार को अदालत में दो आवेदन दाखिल किए। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम की अदालत में अतुल राय के अधिवक्ता अनुज यादव द्वारा दिए गए पहले आवेदन में कहा कि आरोपी घोसी के बसपा से नवनिर्वाचित सांसद हैं।
अभी तक लोकसभा में शपथ ग्रहण नहीं कर सके हैं। 17 जून से 26 जुलाई तक चलने वाले सत्र में नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ ग्रहण करना है। जेल में होने के कारण अतुल राय अभी तक शपथ ग्रहण नहीं कर सके हैं।
ऐसे में पुलिस अभिरक्षा में अतुल राय को संसद भेजकर शपथ ग्रहण कराने की अनुमति प्रदान की जाए। साथ ही जिला निर्वाचन द्वारा जारी किया गया निर्वाचन प्रमाणपत्र और संसद सत्र का शेड्यूल भी अतुल राय के वकील ने कोर्ट में दाखिल किया है।
घर का खाना दिए जाने की मांग की
वहीं, अतुल राय के अधिवक्ता अनुज यादव द्वारा दिए गए दूसरे आवेदन में कहा कि उन्हें जेल में जान का खतरा है। अतुल राय को डर है कि उन्हें खाने में जहर मिला कर जान से मारा जा सकता है। ऐसा वाराणसी जेल में पहले भी हो चुका है।
इसलिए अतुल राय को घर का भोजन दिए जाने की अनुमति दी जाए। साथ ही जेल में अतुल राय को उचित सुरक्षा दी जाए। कोर्ट इन दोनों आवेदन पर कल सुनवाई करेगी।
बता दें कि गाजीपुर जिले के भांवरकोल थाना के वीरपुर के मूल निवासी अतुल राय मंडुवाडीह थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं और पंजाब की जेल में बंद मऊ सदर विधायक मुख्तार अंसारी के करीबियों में एक हैं। अतुल के खिलाफ वाराणसी और गाजीपुर सहित आसपास के अन्य जिलों में गंभीर आपराधिक आरोपों में 15 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं।