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मऊ: जनसूचना का अधूरा जवाब देने पर बीएसए पर 25 हजार का जुर्माना
Mon, 28 Dec 2020 08:32 PM IST
विचित्र सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ
Published by: विचित्र सिंह
Updated Mon, 28 Dec 2020 08:32 PM IST
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सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मांगी गई एक जनसूचना का अधूरा जवाब देने और राज्य सूचना आयुक्त के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित न होने के कारण मऊ के बीएसए पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगा है। राज्य सूचना आयुक्त ने आयोग के रजिस्ट्रार को अर्थदंड की वसूली बीएसए के वेतन से तीन समान किस्तों में करने का आदेश दिया है।
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नगर के सहादतपुरा निवासी विनोद कुमार वर्मा ने दिसंबर माह में सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत बीएसए से आठ बिंदुओं पर शहर के गोल्डेन चिल्ड्रेन स्कूल कालीचौरा के संबंध में जनसूचना मांगी थी। सूचना मांगने वाले विनोद वर्मा का आयोग में कहना था कि उन्हें भ्रामक और अपूर्ण सूचनाएं उपलब्ध कराई गईं। प्रस्तुत पत्रावली पर उपलब्ध दस्तावेजों के अवलोकन से आयोग ने भी यह माना कि बीएसए द्वारा दी गई सूचनाएं वह अधूरी और भ्रामक हैं।
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इसके बाद आयोग ने जब बीएसए को नोटिस भेजकर तलब किया तो वे अपना पक्ष रखने के लिए प्रस्तुत नहीं हुए। इस प्रकार वादी को जानबूझकर वांछित सूचनाएं उपलब्ध न कराने, आयोग के पूर्व आदेशों की अवहेलना करने तथा प्रकरण में शिथिलता बरतने का दोषी करार देते हुए राज्य सूचना आयुक्त ने प्रकरण में शिथिलता बरते जाने का दोषी मानते हुए बीएसए के विरुद्ध सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा-20 (1) के तहत 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। इस बाबत बीएसए ओपी त्रिपाठी का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। कार्यालय आने पर सभी सूचनाएं दी जाएगी।
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