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मनपसंद पुस्तकों को देख गदगद हुआ मन
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वाराणसी। बीएचयू महिला महाविद्यालय में सोमवार को चार दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी लगाई गई। इस दौरान कला, साहित्य, संस्कृति के साथ ही विषय की पुस्तकों की छात्राओं ने खरीदारी की। मुख्य अतिथि मालवीय शांति अनुसंधान केंद्र के पूर्व समन्वयक प्रो प्रियंकर उपाध्याय ने कहा कि शांति कोई लक्ष्य नहीं बल्कि सतत चलने वाली प्रक्रिया है। ऐसे में छोटे-छोटे तथ्यों की खोज करना जरूरी है।
राजकमल प्रकाशन समूह की ओर से लगी पुस्तक प्रदर्शनी में रीडिंग कार्नर भी बनाया गया हैं, जहां विद्यार्थी अपनी मनपसंद पुस्तकों का अध्ययन कर रहे हैं। समारोह में प्रो. उपाध्याय ने नेहरू का जिक्र करते हुए बताया कि उनके पत्रों का अगर अध्ययन किया जाए तो राजनीतिक और तत्कालीन सामाजिक स्थितियों से रूबरू हो सकेंगे। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. इनु मेहता ने कहा कि पुस्तकों के अध्ययन सेे हम समाज और आधुनिकता के साथ प्रेरक कहानियों को भी आत्मसात करते हैं। अतिथियों का स्वागत प्रो.सुमन जैन, संचालन डॉ. प्रतिमा गोंड और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. बंशीधर उपाध्याय ने किया।
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राजकमल प्रकाशन समूह की ओर से लगी पुस्तक प्रदर्शनी में रीडिंग कार्नर भी बनाया गया हैं, जहां विद्यार्थी अपनी मनपसंद पुस्तकों का अध्ययन कर रहे हैं। समारोह में प्रो. उपाध्याय ने नेहरू का जिक्र करते हुए बताया कि उनके पत्रों का अगर अध्ययन किया जाए तो राजनीतिक और तत्कालीन सामाजिक स्थितियों से रूबरू हो सकेंगे। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. इनु मेहता ने कहा कि पुस्तकों के अध्ययन सेे हम समाज और आधुनिकता के साथ प्रेरक कहानियों को भी आत्मसात करते हैं। अतिथियों का स्वागत प्रो.सुमन जैन, संचालन डॉ. प्रतिमा गोंड और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. बंशीधर उपाध्याय ने किया।
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