फिल्म अभिनेता राजपाल यादव बोले- बच्चों को बताना चाहता हूं कला की बारीकियां
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फिल्म अभिनेता राजपाल यादव ने रविवार को कहा कि वह शहर-शहर जाकर बच्चों को कला की बारीकियां बताना चाहते हैं। कहा कि मैं बनारस में था, जैसे ही मुझे आजमगढ़ के राहुल सांकृत्यायन के बारे में पता चला, मेरी जिज्ञासा बढ़ गई और मैंने यहां आने के बारे में सोच लिया। वह आजमगढ़ जिले के सिधारी स्थित राहुल प्रेक्षागृह में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जितने भी कार हैं, अर्थात पत्रकार, कथाकार, कहानीकार, निर्माण कार आदि कहीं न कहीं सभी एक दूसरे से जुड़े हैं। सभी अपनी जगह अपने कार्य को अंजाम देते हैं। फिल्में मनोरंजन का एक माध्यम हैं।
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फिल्म अभिनेता ने कहा कि जहां सब कुछ समाप्त हो जाता है, कला वहां से भी आगे जाती है। कला अथाह है। इसमें से जितने भी कार निकले हैं, सभी कला के बच्चे हैं। हम शहर-शहर जाकर बच्चों के बीच कला की बारीकियां और अनुशासन बताना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि फिल्म में 35 वर्ष कार्य करने के बाद हमारा जो अनुभव है, उसे हम साझा करना चाहते हैं। अगर हमारे कुछ समय में कही गई बात किसी बच्चे को पांच लाइन भी याद रह जाती है तो हम समझेंगे कि सफल हुए। पहले की तुलना में सिनेमा में काफी बदलाव आया है। आज गांव का कोई भी बच्चा गांव में भी शार्ट फिल्म बना लेता है।
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