फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Blue print ready for change in IMS BHU to function like AIIMS for two years

IMS BHU में बदलाव का ब्लू प्रिंट तैयार: दो साल तक एम्स की तरह होगा कामकाज, बनाई जा रही ये रणनीति

Wed, 27 Nov 2024 09:12 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Wed, 27 Nov 2024 09:12 AM IST
सार

आईएमएस बीएचयू में बदलाव का ब्लू प्रिंट तैयार किया गया है। एमओयू के बाद बनाई जा रही रणनीति के तहत दो साल तक एम्स की तरह कामकाज होगा। 

विज्ञापन
Blue print ready for change in IMS BHU to function like AIIMS for two years
IMS BHU - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आईएमएस बीएचयू में एम्स जैसी सुविधा पर एमओयू के बाद यहां होने वाले बदलावों का ब्लू प्रिंट तैयार हो गया है। इसमें शैक्षणिक कार्यों के साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अलग-अलग कमेटियां बनाई गई हैं। साथ ही हर कमेटी के पास जो भी आवेदन आता है, उसके निस्तारण के लिए समय भी तय कर दिया गया है।

विज्ञापन


आवेदन करने वालों को निस्तारण होने के बाद मोबाइल पर मेसेज भी जाएगा। एमओयू के बाद जिस तरह की रणनीति बनाई जा रही है, उसके हिसाब से अगले दो साल तक एम्स की तर्ज पर ही कामकाज होगा।
विज्ञापन


मरीजों, मेडिकल छात्रों, शिक्षकों, पैरामेडिकल स्टाफ को भी होगा लाभ
आईएमएस बीएचयू में एम्स जैसी सुविधा को लेकर 22 नवंबर को नई दिल्ली में स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान की मौजूदगी में नए सिरे से एमओयू होने के बाद अब इस दिशा में कामकाज भी शुरू हो गया है। इसमें एम्स की तरह मरीजों की जांच, इलाज की सुविधा देने से लेकर पठन-पाठन, शोध पर विशेष जोर दिया जा रहा है। एमओयू की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आईएमएस से जुड़े विभागों में जरूरत के हिसाब से कार्ययोजना बनवाई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इधर, आईएमएस निदेशक प्रो. एसएन संखवार भी विभागों के अध्यक्ष, संकाय प्रमुख सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों के से एम्स की तर्ज पर सुविधाओं को लेकर मंथन कर रहे हैं।

हर कमेटी की तीन-तीन सब कमेटियां बनीं

एम्स की तर्ज पर कामकाज (मरीजों के इलाज, जांच, विभागों में शोध, कक्षाएं चलाए जाने,अन्य शैक्षणिक सुविधाएं आदि ) सुचारू रूप से कराया जा सके, इसके लिए शैक्षणिक, प्रशासनिक कामकाज, वित्तीय कामकाज, स्वास्थ्य सुविधा, छात्र, शिक्षक, कर्मचारियों की सुविधाओं सहित अन्य व्यवस्थाओं की अलग-अलग कमेटियां बनाई जा रही हैं। हर कमेटी के पास तीन-तीन सब कमेटियां हैं। इस तरह की नई पहल से जहां आवेदनों का समय से निस्तारण होगा, वहीं किसी तरह की गड़बड़ी भी नहीं होने पाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed