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भदोही में विस्फोट से उड़ा सराफा कारोबारी का मकान, पति-पत्नी घायल, कई किमी तक गूंजी आवाज
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,भदोही
Updated Wed, 31 Oct 2018 08:16 PM IST
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धमाके से धराशायी मकान
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के भदोही जिले के बैदाबाजार स्थित सराफा कारोबारी दयाशंकर जायसवाल के दो मंजिलें मकान में मंगलवार रात एक बजे हुए विस्फोट से पूरा ऊपरी तल ध्वस्त हो गया। छत और दीवारें धराशायी हो गईं। हादसे में कमरे में सो रहे पति-पत्नी घायल हो गए। पत्नी झुलस गई, और पति मलबे में दबकर जख्मी हो गया।
दोनों को भदोही के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से पत्नी को वाराणसी रेफर कर दिया गया। पुलिस, डॉग स्क्वॉयड, फोरेंसिक टीम और बम निरोधक दस्ते ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। वहीं, घरवालों के मुताबिक गैस रिसाव के बाद आग लगने से विस्फोट हुआ। बैदा बाजार निवासी दयाशंकर जायसवाल पुत्र स्व. जमुना प्रसाद जायसवाल सराफा कारोबारी हैं।
उनका बैदा में करीब 90 फीट लंबा दो मंजिला मकान है, जिसमें दयाशंकर का 10 सदस्यीय परिवार रहता है। मंगलवार की रात अचानक तेज धमाके के साथ मकान के ऊपरी तल का पूरा हिस्सा उड़ गया। इससे दयाशंकर का पुत्र संजय जायसवाल (28) गंभीर रूप से घायल हो गया जबकि उसकी पत्नी अर्चना (26) झुलस गई।
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दोनों को उपचार के लिए भदोही के एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां से महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए वाराणसी रेफर कर दिया गया। परिवार के बालक जय (डेढ़ वर्ष), नव्या (ढाई वर्ष) विवेक (11) भी मलबे के नीचे दब गए थे लेकिन उन्हें चोटें नहीं आईं। वहीं, तेज धमाका और चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी घबरा गए। मौके पर जुटे आसपास के लोगों ने यूपी-100 पुलिस को सूचना दी।
दोनों को भदोही के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से पत्नी को वाराणसी रेफर कर दिया गया। पुलिस, डॉग स्क्वॉयड, फोरेंसिक टीम और बम निरोधक दस्ते ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। वहीं, घरवालों के मुताबिक गैस रिसाव के बाद आग लगने से विस्फोट हुआ। बैदा बाजार निवासी दयाशंकर जायसवाल पुत्र स्व. जमुना प्रसाद जायसवाल सराफा कारोबारी हैं।
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उनका बैदा में करीब 90 फीट लंबा दो मंजिला मकान है, जिसमें दयाशंकर का 10 सदस्यीय परिवार रहता है। मंगलवार की रात अचानक तेज धमाके के साथ मकान के ऊपरी तल का पूरा हिस्सा उड़ गया। इससे दयाशंकर का पुत्र संजय जायसवाल (28) गंभीर रूप से घायल हो गया जबकि उसकी पत्नी अर्चना (26) झुलस गई।
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दोनों को उपचार के लिए भदोही के एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां से महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए वाराणसी रेफर कर दिया गया। परिवार के बालक जय (डेढ़ वर्ष), नव्या (ढाई वर्ष) विवेक (11) भी मलबे के नीचे दब गए थे लेकिन उन्हें चोटें नहीं आईं। वहीं, तेज धमाका और चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी घबरा गए। मौके पर जुटे आसपास के लोगों ने यूपी-100 पुलिस को सूचना दी।
पडोसियों का भी हुआ नुकसान
मकान का पहला तल
- फोटो : amar ujala
विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के घरों पर भी उसका असर पड़ा। पड़ोसी राजू जायसवाल की गाय भी मलबे के नीचे दबकर घायल हो गई। दूसरे पड़ोसी सुभाष जायसवाल के मकान की तरफ ध्वस्त दीवार का काफी हिस्सा लटक गया है, जिससे खतरा बना हुआ है। दयाशंकर ने बताया कि पूरा परिवार में अंदर सोया हुआ था।
अचानक तेज आवाज के साथ दूसरी मंजिल का पूरा मकान भरभरा कर गिर गया। हम लोग कुछ समझ नहीं पाए। उधर, घायल संजय ने बताया कि रसोई घर से गैस की महक आ रही थी। मेरी पत्नी ने दरवाजा खोला तो वह झुलस गई और गैस के दबाव से विस्फोट हो गया। जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक राजेश एस और एएसपी डॉ. संजय कुमार मौके पहुंचे।
मिर्जापुर से डॉग स्क्वॉड और रामनगर से बम निरोधक दस्ता बुलाया गया। अधिकारियों के साथ दोनों दस्तों ने जांच-पड़ताल की, लेकिन मकान के क्षतिग्रस्त हिस्से के रुक-रुक कर गिरने के कारण अंदर जाने की किसी की हिम्मत नहीं हुई। मौके पर पुलिस तैनात कर दी गई है।
पुलिस अधीक्षक राजेश एस ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। अब तक पुलिस गैस लीकेज के कारण विस्फोट मानकर चल रही है। अमूमन विस्फोट होता है तो दीवारें बाहर की तरफ गिरती हैं, लेकिन इस केस में दीवारें और मलबा अंदर की तरफ गिर रहा है। क्षतिग्रस्त हिस्सा गिरना बंद होने के बाद असलियत सामने आएगी।
अबूझ कहानी बन कर रह गया घर में धमाका
बैदा बाजार में सराफा कारोबारी के मकान में हुए जिस धमाके से पूरा इलाका थर्रा उठा, उसको लेकर लोगों के जेहन में कौंध रहे तमाम सवाल अनुत्तरित रह गए। घंटों की मशक्कत के बाद भी पुलिस और अन्य जांच टीमें किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकीं। लिहाजा इतनी बड़ी घटना एक अबूझ कहानी बनकर रह गई है। माना जा रहा है कि रसोई समेत मकान के विभिन्न हिस्सों की विधिवत जांच के बाद ही असलियत सामने आ पाएगी।
विस्फोट से धराशायी हुए मकान के मामले में कई सवाल ऐसे हैं, जिनके जबाब नहीं मिल पाए हैं। मकान में विस्फोट किस चीज से हुआ, गैस सिलेंडर के ब्लास्ट से या फिर किसी अन्य विस्फोटक से, यह अब तक कोई नहीं जान पाया है। मकान के निचले हिस्से में लोहे का मजबूत दरवाजा लगा है। उसकी कुंडी जो काफी मोटी है वह भी टेढ़ी हो गई, जबकि वह अंदर से बंद थी।
अगर झुलसी विवाहिता और उसके पति के बयान पर गौर किया जाए तो गैस रिसाव के बाद उसके माचिस जलाने से लगी आग में वह झुलसी, लेकिन फिर पूरा मकान कैसे धराशायी हो गया। जबकि सिलेंडर में ब्लास्ट की बात से पुलिस इनकार कर रही है। वहीं दूसरी तरफ घर की रसोई में आग लगने के निशान भी नहीं दिख रहे।
ऐसी स्थिति में पुलिस भी अब तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है। मकान में अभी जो हिस्से बचे हैं, वह कभी भी गिर सकते हैं। इसके चलते कोई भी जांच टीम मकान के अंदर नहीं पहुंच पाई। इससे माना जा रहा है कि इन सभी सवालों के जबाब तभी मिलेंगे, जब रसोई सहित मकान के अन्य हिस्सों की करीने से जांच हो।
फिलहाल मकान को जल्द गिराने की कवायद शुरू हो गई है। पुलिस के मुताबिक मकान के जो हिस्से बचे हैं, उसके गिरने के बाद साक्ष्य तलाशे जाएंगे। वहीं घायल पति पत्नी से भी पूछताछ की जाएगी।
विस्फोट से धराशायी हुए मकान के मामले में कई सवाल ऐसे हैं, जिनके जबाब नहीं मिल पाए हैं। मकान में विस्फोट किस चीज से हुआ, गैस सिलेंडर के ब्लास्ट से या फिर किसी अन्य विस्फोटक से, यह अब तक कोई नहीं जान पाया है। मकान के निचले हिस्से में लोहे का मजबूत दरवाजा लगा है। उसकी कुंडी जो काफी मोटी है वह भी टेढ़ी हो गई, जबकि वह अंदर से बंद थी।
अगर झुलसी विवाहिता और उसके पति के बयान पर गौर किया जाए तो गैस रिसाव के बाद उसके माचिस जलाने से लगी आग में वह झुलसी, लेकिन फिर पूरा मकान कैसे धराशायी हो गया। जबकि सिलेंडर में ब्लास्ट की बात से पुलिस इनकार कर रही है। वहीं दूसरी तरफ घर की रसोई में आग लगने के निशान भी नहीं दिख रहे।
ऐसी स्थिति में पुलिस भी अब तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है। मकान में अभी जो हिस्से बचे हैं, वह कभी भी गिर सकते हैं। इसके चलते कोई भी जांच टीम मकान के अंदर नहीं पहुंच पाई। इससे माना जा रहा है कि इन सभी सवालों के जबाब तभी मिलेंगे, जब रसोई सहित मकान के अन्य हिस्सों की करीने से जांच हो।
फिलहाल मकान को जल्द गिराने की कवायद शुरू हो गई है। पुलिस के मुताबिक मकान के जो हिस्से बचे हैं, उसके गिरने के बाद साक्ष्य तलाशे जाएंगे। वहीं घायल पति पत्नी से भी पूछताछ की जाएगी।
देर रात तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी पुलिस
बैदा बाजार में मकान में धमाके को लेकर पुलिस देर रात तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। पुलिस कप्तान राजेश एस ने बम निरोधक दस्त के अलावा डॉग स्क्वॉयड, फोरेंसिक टीम और पुलिस के अन्य उच्चाधिकारियों के साथ काफी देर तक इस मसले पर मंथन किया, लेकिन देर रात तक तस्वीर स्पष्ट नहीं हो पाई।
पुलिस का कहना था कि अगर पटाखा या बम आदि का धमाका होता हो बारूद की गंध जरूर होती, लेकिन ऐसा कुछ नहीं दिखा। सिलेंडर बिना फटे पूरा मकान उड़ जाने की बात गले के नीचे नहीं उतर रही। देर रात तक उलझे रहने के बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची।
दीपावली के मद्देनजर लोगों में पटाखे के कारण घटना होने की चर्चा थी, लेकिन शुरुआती जांच में इसके प्रमाण भी नहीं मिले। सराफा कारोबारी के घर में पटाखा आदि की बात से पुलिस भी इत्तफाक नहीं रख रही। फिलहाल पुलिस अधीक्षक ने पास पड़ोस के मकान स्वामियों को उनके मकानों से हटकर अलग रहने के बात की हिदायत दी है।
पुलिस का कहना था कि अगर पटाखा या बम आदि का धमाका होता हो बारूद की गंध जरूर होती, लेकिन ऐसा कुछ नहीं दिखा। सिलेंडर बिना फटे पूरा मकान उड़ जाने की बात गले के नीचे नहीं उतर रही। देर रात तक उलझे रहने के बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची।
दीपावली के मद्देनजर लोगों में पटाखे के कारण घटना होने की चर्चा थी, लेकिन शुरुआती जांच में इसके प्रमाण भी नहीं मिले। सराफा कारोबारी के घर में पटाखा आदि की बात से पुलिस भी इत्तफाक नहीं रख रही। फिलहाल पुलिस अधीक्षक ने पास पड़ोस के मकान स्वामियों को उनके मकानों से हटकर अलग रहने के बात की हिदायत दी है।