भाजपा विधायक का व्हाट्सएप हैक: लोगों से रुपये मांगने की शिकायत, साइबर पुलिस ने दर्ज किया केस; रिमोट एक्सेस
विधायक भूपेश चौबे का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लोगों से रुपये मांगने का मामला सामने आया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के अनुसार, ओटीपी के जरिए अकाउंट का रिमोट एक्सेस लेने की आशंका है। साइबर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विधायक ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
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रॉबर्ट्सगंज के भाजपा विधायक भूपेश चौबे का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लोगों से रुपये मांगने का मामला सामने आया है। विधायक के नंबर से संपर्क कर रकम मांगने और संदिग्ध लिंक भेजे जाने की जानकारी मिलने के बाद साइबर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ओटीपी के माध्यम से अकाउंट का रिमोट एक्सेस हासिल किए जाने की आशंका जताई गई है।
विधायक भूपेश चौबे ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने व्हाट्सएप अकाउंट के अनधिकृत इस्तेमाल की जानकारी साझा की। उन्होंने लोगों को सतर्क करते हुए कहा कि उनके पुराने मोबाइल नंबर से रुपये मांगने वाला कोई संदेश मिलने पर बिना पुष्टि के रकम न भेजें। इसके साथ ही किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने की अपील की।
विधायक ने बताया कि अकाउंट सुरक्षित होने तक उनके पुराने नंबर से आने वाले संदेशों पर भरोसा करने से पहले दूसरे माध्यम से पुष्टि कर लें। लोगों की सुविधा के लिए उन्होंने संपर्क करने के लिए वैकल्पिक मोबाइल नंबर 9415647642 भी जारी किया है। उन्होंने आम लोगों को साइबर ठगी के ऐसे मामलों में सतर्क रहने की सलाह दी।
कार्रवाई का आश्वासन
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ओटीपी के जरिए विधायक के व्हाट्सएप अकाउंट का रिमोट एक्सेस हासिल किए जाने की आशंका सामने आई है। इसके बाद अकाउंट का इस्तेमाल कर लोगों को संदेश भेजे गए और उनसे रुपये मांगे गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर लिया है।
पुलिस अब मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के आधार पर अकाउंट तक अनधिकृत पहुंच बनाने और कथित तौर पर रुपये मांगने में शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि विवेचना के निष्कर्षों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद लोगों को अनजान संदेशों, संदिग्ध लिंक और रुपये मांगने वाले अनुरोधों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। किसी परिचित या जनप्रतिनिधि के नंबर से पैसे मांगने का संदेश मिलने पर भी संबंधित व्यक्ति से किसी दूसरे माध्यम से पुष्टि करना जरूरी है।