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स्टीमर से बाढ़ग्रस्त इलाकों का जायजा लेने निकले भाजपा विधायक, डीजल खत्म होने पर पानी में फंसे
Mon, 23 Sep 2019 09:11 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 23 Sep 2019 09:11 AM IST
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भाजपा विधायक स्टीमर का तेल खत्म होने के बाद बैठे हुए
- फोटो : अमर उजाला
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मिर्जापुर के छानबे विकास खंड के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण करने निकले नगर विधायक रत्नाकर मिश्र की स्टीमर बाढ़ के पानी के बीच ही अचानक बंद हो गई। पता चला कि स्टीमर का तेल खत्म हो गया है।
तहसीलदार ने सूचना कर कर्मियों से तेल मंगवाया। इसके बाद विधायक को निरीक्षण बीच में ही रोकना पड़ा। नगर विधायक शनिवार को सुबह जिला पंचायत की ओर से उपलब्ध कराई गई स्टीमर पर सवार होकर छानबे क्षेत्र के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा करने निकले।
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उनके साथ तहसीलदार व अन्य कई लोग भी थे। योजना यह थी कि छानबे विकास खंड के जो गांव बाढ़ग्रस्त हैं, उनका वह निरीक्षण करते और बाढ़ में फंसे लोगों की मदद की जानकारी भी लेते। उसी के आधार पर वह राहत कार्यों के लिए प्रदेश नेतृत्व को भी सूचित करते।
वह जब विकास खंड के बबुरा से आगे बढ़े उसी समय स्टीमर बंद हो गई। उस समय चारों तरफ पानी ही पानी था। चालक ने जब फिर उसे स्टार्ट करने का प्रयास किया तो उसका इंजन बंद हो गया। शंका होने पर ईंधन की जांच की गई तो पता चला कि उसमें डीजल ही नहीं है।
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तहसीलदार ने सूचना कर कर्मियों से तेल मंगवाया। इसके बाद विधायक को निरीक्षण बीच में ही रोकना पड़ा। नगर विधायक शनिवार को सुबह जिला पंचायत की ओर से उपलब्ध कराई गई स्टीमर पर सवार होकर छानबे क्षेत्र के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा करने निकले।
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उनके साथ तहसीलदार व अन्य कई लोग भी थे। योजना यह थी कि छानबे विकास खंड के जो गांव बाढ़ग्रस्त हैं, उनका वह निरीक्षण करते और बाढ़ में फंसे लोगों की मदद की जानकारी भी लेते। उसी के आधार पर वह राहत कार्यों के लिए प्रदेश नेतृत्व को भी सूचित करते।
वह जब विकास खंड के बबुरा से आगे बढ़े उसी समय स्टीमर बंद हो गई। उस समय चारों तरफ पानी ही पानी था। चालक ने जब फिर उसे स्टार्ट करने का प्रयास किया तो उसका इंजन बंद हो गया। शंका होने पर ईंधन की जांच की गई तो पता चला कि उसमें डीजल ही नहीं है।
इस पर नगर विधायक ने कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि बाढ़ के समय जब इस प्रकार की लापरवाही की जा रही है तो सामान्य दिनों की बात की कल्पना की जा सकती है। डीजल मिलने और उसको फिर से स्टार्ट होने में काफी विलंब हो गया और विधायक को अपना दौरा बीच में ही छोड़कर वापस आना पड़ा।
पूर्व में भी हो चुकी है ऐसी ही घटना
तकरीबन छह वर्ष पूर्व जब गंगा में बाढ़ आई थी तो जिलाधिकारी, मजिस्ट्रेट जिले के कई पत्रकारों को साथ लेकर बाढ़ का निरीक्षण करने निकले थे। उस समय भी बीच गंगा में ही स्टीमर बंद हो गई थी।
उस समय भी डीजल न होने के कारण ही स्टीमर बंद हुई थी। डीएम समेत सभी लोग काफी देर तक बंद स्टीमर में खड़े हिचकोले खाते रहे। बाद में जब स्टीमर में डीजल डाला गया तो सभी लोग वापस आए।
पूर्व में भी हो चुकी है ऐसी ही घटना
तकरीबन छह वर्ष पूर्व जब गंगा में बाढ़ आई थी तो जिलाधिकारी, मजिस्ट्रेट जिले के कई पत्रकारों को साथ लेकर बाढ़ का निरीक्षण करने निकले थे। उस समय भी बीच गंगा में ही स्टीमर बंद हो गई थी।
उस समय भी डीजल न होने के कारण ही स्टीमर बंद हुई थी। डीएम समेत सभी लोग काफी देर तक बंद स्टीमर में खड़े हिचकोले खाते रहे। बाद में जब स्टीमर में डीजल डाला गया तो सभी लोग वापस आए।