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पीएम के संसदीय क्षेत्र में छह घंटे चला भाजपा का अनशन, नारेबाजी की मची होड़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 12 Apr 2018 10:53 PM IST
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जिला मुख्यालय पर भाजपा का अनशन
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि हताश और निराश विपक्ष के पास कोई मुददा नहीं है। अनावश्यक रूप से संसद को बाधित कर देश का विकास बाधितकर रही है। कांग्रेस के हंगामे के चलते सरकार के नौ महत्वपूर्ण बिल राज्यसभा में पेंडिंग रह गए। कुल 22 कार्य दिवस बाधित रहे। राज्यसभा के 121 घंटे हंगामे के चलते बर्बाद हो गए।
अनशन स्थल पर जिला और महानगर की टीम रही। नारेबाजी को लेकर जिला और महानगर की टीम में होड़ मची रही। कभी जिला तो कभी महानगर की टीम हावी हो रही थी। गुरुवार को विपक्ष की ओर से संसद की कार्यवाही बाधित कर लोकतंत्र की मर्यादा तोड़ने के विरोध में भाजपा की ओर से जिला मुख्यालय पर अनशन किया गया।
पढ़ेंः बजट सत्र न चलने के विरोध में आज BJP का देशव्यापी उपवास, अपने-अपने इलाकों में उपवास पर बैठे सांसद
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इसी क्रम में पीएम के संसदीय क्षेत्र में सुबह 10 से शाम चार बजे तक चले अनशन का नेतृत्व कर रहे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा बजट सत्र में व्यवधान के चलते लोकसभा की उत्पादकता 21 प्रतिशत और राज्यसभा की 27 प्रतिशत रही। विपक्ष की भाषा सदन में कुछ और, डिबेट में कुछ और, लिखित में कुछ और होती है।
लोकसभा के एक घंटे के संचालन में 1.57 करोड़ रुपये और राज्यसभा में 1.10 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। लोकसभा में एनडीए का बहुमत है लेकिन राज्यसभा के आंकड़े विपक्ष के पक्ष में हैं। राज्यसभा को संसदीय कार्यों में व्यवधान का फोकस बन गया है।
लोकसभा के समय राज्यसभा में केवल छह बिल पेश हो पाए। राज्यसभा में पेश होने वाले विधेयक को स्टैंडिंग समिति, सेलेक्ट समिति के तांत्रिक मुद्दों में फंसाकर बिल को रोकने की कोशिश की गई।
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अनशन स्थल पर जिला और महानगर की टीम रही। नारेबाजी को लेकर जिला और महानगर की टीम में होड़ मची रही। कभी जिला तो कभी महानगर की टीम हावी हो रही थी। गुरुवार को विपक्ष की ओर से संसद की कार्यवाही बाधित कर लोकतंत्र की मर्यादा तोड़ने के विरोध में भाजपा की ओर से जिला मुख्यालय पर अनशन किया गया।
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इसी क्रम में पीएम के संसदीय क्षेत्र में सुबह 10 से शाम चार बजे तक चले अनशन का नेतृत्व कर रहे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा बजट सत्र में व्यवधान के चलते लोकसभा की उत्पादकता 21 प्रतिशत और राज्यसभा की 27 प्रतिशत रही। विपक्ष की भाषा सदन में कुछ और, डिबेट में कुछ और, लिखित में कुछ और होती है।
लोकसभा के एक घंटे के संचालन में 1.57 करोड़ रुपये और राज्यसभा में 1.10 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। लोकसभा में एनडीए का बहुमत है लेकिन राज्यसभा के आंकड़े विपक्ष के पक्ष में हैं। राज्यसभा को संसदीय कार्यों में व्यवधान का फोकस बन गया है।
लोकसभा के समय राज्यसभा में केवल छह बिल पेश हो पाए। राज्यसभा में पेश होने वाले विधेयक को स्टैंडिंग समिति, सेलेक्ट समिति के तांत्रिक मुद्दों में फंसाकर बिल को रोकने की कोशिश की गई।
पानी का इंतजाम लेकिन अनशन स्थल पर पीने की मनाही
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा
- फोटो : अमर उजाला
गरमी को देखते अनशन स्थल से थोड़ी दूरी पर पानी का इंतजाम किया गया था। कुछ लोग बोतल बंद पानी लेकर अनशन स्थल पर आए थे। जैसे ही वे पीने का प्रयास किए तो आस पास बैठे कार्यकर्ताओं ने मना किया और कहा कि अनशन स्थल पर पानी भी पीना मना है। यहां से उठकर जाएं। कई कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने छह घंटे के अनशन तक न कुछ खाया और न ही कुछ पीया।
साफा गाड़ी में रखने के बाद चाय-पकौड़ी का नाश्ता
अनशन स्थल पर कुछ देर बैठने के बाद कुछ कार्यकर्ता दोपहर दो बजे वहां से हट गए। आस-पास के चाय पकौड़ी की दुकानों पर गए और नाश्ता करने से पहले सभी ने अपना साफा गाड़ी में रख दिया। इसके बाद नाश्ता पानी किया।
काशी क्षेत्र के संसदीय क्षेत्रों में वरिष्ठ नेताओं ने संभाली कमान
भाजपा काशी क्षेत्र के लोकसभा क्षेत्र में वरिष्ठ नेताओं ने अनशन की कमान संभाली। इस मौके पर उपवास भी रखा। विपक्ष की पोल खोलने के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने चंदौली, रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने गाजीपुर, अमेठी में राज्यसभा सांसद विजयपाल सिंह तोमर, जौनपुर में समाज कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, सांसद केपी सिंह और अशोक चौरसिया ने इलाहाबाद में अनशन किया।
अनशन में ये रहे शामिल
प्रदेश के राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, महापौर मृदुला जायसवाल, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, सुरेंद्र नारायण सिंह, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, संजय राय, पूर्व मेयर रामगोपाल मोहले, अशोक धवन, जयनाथ मिश्र, मनीष कपूर, नवीन कपूर, ज्ञानेश जोशी, शोमनाथ विश्वकर्मा, डॉ. अशोक राय, पूर्व विधायक ज्योत्सना श्रीवास्तव, प्रभात सिंह, साधना वेदांती, देवानंद सिंह, सुरेश सिंह, दीपक गौड़, राजेश राजभर, प्रह्लाद गुप्ता आदि शामिल रहे।